भारतीय टीम प्रबंधन ने वन-डे के विशेषज्ञ खिलाड़ियों को रणजी मैच खेलने से रोका है। ऐसा लगता है कि जब बात सीमित ओवर प्रारूप में संसाधनों की आती है तो टीम इंडिया का प्रबंधन काफी चौकन्ना हो जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह पाया गया है कि प्रबंधन ने वन-डे और टी20 विशेषज्ञों को पिछले एक साल में रणजी ट्रॉफी खेलने से रोक दिया है।
टीम इंडिया ने वन-डे विशेषज्ञों को रणजी मैच खेलने से रोका, जानिए क्यों
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युजवेंद्र चहल, जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल, हार्दिक पांड्या, केदार जाधव और दिनेश कार्तिक फिलहाल बेंगलुरु की राष्ट्रीय क्रिकेट एकेडमी (एनसीए) में ट्रेनिंग कर रहे हैं। जहां पांड्या को लंका के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज में विश्राम दिया गया है, वहीं यह समझा जा सकता है कि चहल और बुमराह को रणजी मुकाबले नहीं खेलने की सलाह दी गई है।
दिनेश कार्तिक और केदार जाधव ने क्रमशः दर्द और हाथ में चोट की वजह से रणजी ट्रॉफी मुकाबलों के आखिरी राउंड से अपने नाम वापस ले लिए हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया को एक बीसीसीआई अधिकारी ने कहा, 'चहल ने हरियाणा की तरफ से खेलने की इजाजत मांगी थी, लेकिन उन्हें टीम प्रबंधन ने अनुमति नहीं दी। इसके बजाय उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के बाद एनसीए में ट्रेनिंग करने के लिए कहा गया।'
सूत्र ने आगे कहा, 'इसके पीछे का आईडिया इन खिलाड़ियों को चोट से सुरक्षित करना है। ये सभी टीम इंडिया के लिए वन-डे और टी20 में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं और इन्हें घरेलू मैचों में खेलने की अनुमति देकर चोट की रिस्क नहीं उठाई जा सकती।' टीम इंडिया को अब श्रीलंका के खिलाफ अगले महीने तीन मैचों की वन-डे सीरीज और इतने ही मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज खेलना है।
चहल और बुमराह को 4 नवंबर तक रिलीज होना था जबकि अन्य खिलाड़ी 26-27 नवंबर तक एनसीए से रिलीज होंगे। चहल और बुमराह को श्रीलंका के खिलाफ सीरीज के बाद दक्षिण अफ्रीका दौरे पर टेस्ट टीम में भी शामिल किया जा सकता है। वैसे युवराज सिंह भी एनसीए में ट्रेनिंग कर रहे हैं और पंजाब के लिए रणजी ट्रॉफी मैच नहीं खेल रहे हैं।