शार्दुल ठाकुर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वन-डे में तीन विकेट चटकाकर सबका दिल जीत लिया। बता दें कि पहले दो वनडे में वह नहीं खेले थे लेकिन अंतिम मैच में उन्होंने जो किया वह वाकई काबिल ए तारीफ है।
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शार्दुल ठाकुर
- फोटो : ट्विटर @BCCI
शार्दुल के वजह से ही टीम इंडिया ने अपनी साख बचाई नहीं तो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसे 0-3 से हार का सामना करना पड़ता। दरअसल, पिछले कुछ वर्षों से शार्दुल भारतीय टीम में अंदर बाहर होते रहे हैं लेकिन जब भी विराट कोहली उन्हें गेंद सौंपते हैं तो उनका अच्छा करने का दृढ़संकल्प कम नहीं हुआ है।
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शार्दुल ठाकुर
- फोटो : ट्विटर
यह पूछने पर कि क्या वह ज्यादा मौके नहीं मिलने से हताश होते हैं तो महाराष्ट्र के 29 साल के खिलाड़ी ने नकारात्मक जवाब देते हुए कहा, 'चयन मेरे हाथ में नहीं है। यह महत्वपूर्ण है कि मैं भारत के लिए जब भी खेलूं तो मैचों में जीत दिलाने की कोशिश करूं। मेरे दिमाग में यही होता है।'
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शार्दुल ठाकुर
- फोटो : सोशल मीडिया
बता दें कि वर्ष 2017 में अंतरराष्ट्रीय पदार्पण के बाद ठाकुर ने सफेद गेंद से 27 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। तीन साल से ज्यादा समय में केवल 12 वनडे में खेलने वाले ठाकुर ने कहा, 'मैं जीतने के लिए खेलता हूं। मुझे नहीं लगता कि मुझे सिर्फ एक ही मैच मिल रहा है या फिर मैं किसी चोटिल खिलाड़ी की जगह खेल रहा हूं। एक बार जब आप मैदान में होते हो तो सभी खिलाड़ी सिर्फ मैच जीतने पर ध्यान लगाते हैं।'
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शार्दुल ठाकुर
- फोटो : ANI
भारतीय टीम अब टी20 मैचों की श्रृंखला खेलेगी लेकिन ठाकुर टीम का हिस्सा नहीं है लेकिन इसके बारे में ज्यादा नहीं सोचना चाहते हैं। उन्होंने कहा, 'टीम काफी लंबे समय पहले ही चुन ली गई थी। मैं टी-20 टीम का हिस्सा नहीं था इसलिए मैं इसके बारे में नहीं सोच रहा था।'