कभी भारत को पहला टी-20 विश्व कप दिलाने वाले कप्तान धोनी अगली दो टी-20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का हिस्सा नहीं हैं।
धोनी को टीम से बाहर करने में इन दो खिलाड़ियों की थी रजामंदी, पहले ही बन चुका था प्लान!
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इन दो खिलाड़ियों की थी रजामंदी
विराट कोहली और रोहित शर्मा की मौजूदगी में ही यह फैसला हुआ और इसके बाद यह साफ हो गया है कि पिछले करीब दस साल से टी-20 टीम का हिस्सा रहे पूर्व कप्तान को टीम ड्रॉप किया है उन्हें आराम नहीं दिया गया।
बीसीसीआई के एक आला अधिकारी ने कहा, 'यह तय है कि ऑस्ट्रेलिया में 2020 में होने वाला टी-20 विश्व कप धोनी नहीं खेलेंगे लिहाजा उन्हें टीम में बनाए रखने का कोई औचित्य नहीं था।'
उन्होंने कहा, 'चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन ने इस पर काफी बात की है। विराट कोहली और रोहित शर्मा भी चयन समिति की बैठक में मौजूद थे।'
क्या एमएसके प्रसाद की नाराजगी पड़ी भारी
माही के प्रशंसकों का एक तबका यह भी कह रहा है कि धोनी को इस बात की सजा दी गई क्योंकि एमएसके प्रसाद ने बयान देकर उन्हें संदेश दिया था कि उन्हें झारखंड के लिए विजय हजारे ट्रॉफी में खेलना चाहिए, लेकिन धोनी ने विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने से इनकार कर दिया था।
ऐसा लगता है कि 37 वर्षीय खिलाड़ी के लिए आगामी विश्व कप जब उन जैसा नायाब खिलाड़ी टीम इंडिया की जर्सी में अंतिम बार दिखाई देगा। राष्ट्रीय चयनकर्ताओं ने उन्हें सीमित ओवरों के दो में से एक प्रारूप में बाहर करके पहले संकेत दे ही दिए हैं। टेस्ट से तो वह पहले संन्यास ले चुके हैं और दो ही प्रारूपों के लिए उपलब्ध हैं।
इस साल 7 टी-20 में एक पचासा
धोनी ने 2018 में सात टी-20 मैच खेले और उनकी सर्वश्रेष्ठ पारी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 28 गेंद में नाबाद 52 रन की रही।
बाकी छह पारियों में उन्होंने 51 गेंद में 71 रन बनाए। इंग्लैंड में विश्व कप में धोनी विकेटकीपर के तौर पर पहली पसंद होंगे लेकिन बहुत कुछ इस पर निर्भर करेगा कि वेस्टइंडीज के खिलाफ मौजूदा शृंखला के बाकी तीन मैचों में उनका प्रदर्शन कैसा रहता है।
अगले दो महीने तक उन्हें मैच अभ्यास भी नहीं मिल सकेगा क्योंकि भारत अगले वन-डे जनवरी से मार्च के बीच खेलेगा।
टीम प्रबंधन का भरोसा युवा पंत पर
चयन समिति के प्रमुख एमएसके प्रसाद विकेटकीपर के रूप में दूसरे विकल्प पर बात कर चुके हैं और ऋषभ पंत पर टीम प्रबंधन ने भरोसा जताया है। अब सवाल यह है कि बाकी दो मैचों में धोनी का बल्ला नहीं चल पाता है तो क्या होगा।
वेस्टइंडीज के खिलाफ शृंखला के बाद धोनी को घरेलू वनडे मैच भी खेलने को नहीं मिलेंगे क्योंकि देवधर और विजय हजारे ट्रॉफी तो खत्म हो गई है।
भारत के एक पूर्व खिलाड़ी ने कहा कि यदि पंत अच्छा खेलते हैं और धोनी का खराब फार्म बरकरार रहता है तो क्या उन्हें विश्व कप टीम में रखा जाएगा। किस आधार पर। विश्व कप उनका आखिरी टूर्नामेंट होगा लेकिन यह नहीं भुलाया जा सकता कि टेस्ट क्रिकेट से उन्होंने कैसे एक झटके में संन्यास ले लिया था।