एमएस धोनी क्रिकेट इतिहास के सर्वश्रेष्ठ कप्तानों की फेहरिस्त में शामिल हैं। धोनी ने अपने चतुर दिमाग से विरोधी टीम को धूल चटाई और दुनिया ने उनके दिमाग को सलाम किया। रांची के क्रिकेटर के दिमाग का कायल क्रिकेट जगत हुआ, जो उनकी तारीफ करते नहीं थकता। हालांकि, 2017 में एमएस धोनी ने सीमित ओवर की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया और विराट कोहली को उनका उत्तराधिकारी बनने का मौका दिया।
धोनी के इस फैसले ने टीम इंडिया के फैंस को हैरान कर दिया। हालांकि, यह पहला मौका नहीं था जब धोनी ने अचानक ही कप्तानी छोड़ी हो। 2014 में धोनी ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर बीच टेस्ट सीरीज में ही कप्तानी छोड़ी और साथ ही साथ क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप को अलविदा कह दिया। इसी के मद्देनजर धोनी ने जब सीमित ओवर की कप्तानी छोड़ी तो फैंस के मन में सवाल उठा कि वह दबाव में कप्तानी छोड़ रहे हैं या फिर कारण उनके संन्यास की तरफ इशारा कर रहा है।
हाल ही में धोनी ने इन सभी दावों पर विराम लगाते हुए असली वजह बताई कि उन्होंने कप्तानी क्यों छोड़ी। एक कार्यक्रम से इतर बातचीत में धोनी ने कहा, 'मैंने कप्तानी से इस्तीफा दिया क्योंकि चाहता था कि नए कप्तान को आईसीसी विश्व कप 2019 से पहले अपनी टीम तैयार करने का पर्याप्त मौका मिले। नए कप्तान को बिना समय के मजबूत टीम दे देने से कोई फायदा नहीं मिलता। मेरा मानना है कि मैंने सही समय पर कप्तानी छोड़ने का फैसला लिया।'
एमएस धोनी से जब पूछा गया कि इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में हार की वजह क्या रही तो पूर्व महान कप्तान ने कहा, 'सीरीज शुरू होने से पहले कम अभ्यास मैच मिलने से विदेशी परिस्थितियों में भारतीय बल्लेबाजों को मुश्किल होती है। भारतीय बल्लेबाजों को जरूरत थी कि वह ज्यादा से ज्यादा अभ्यास मैच खेलकर अपनी तैयारी बेहतर करते।'
एमएस धोनी अब 15 सितंबर से शुरू होने जा रहे एशिया कप से क्रिकेट एक्शन में दिखेंगे। हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ सीमित ओवर सीरीज में धोनी का बल्ले से प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था, जिसकी वजह से उन पर संन्यास का दबाव बढ़ने लगा था। हालांकि, धोनी को कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री का पूरा समर्थन मिला और अब वह एशिया कप में अपना जलवा बिखेरने को तैयार हैं।