भारत को ऑस्ट्रेलिया पर उसके घर में पहली बार द्विपक्षीय वन डे क्रिकेट सीरीज में मिली जीत के हीरो निर्विवाद रूप से विकेटकीपर बल्लेबाज महेन्द्र सिंह धोनी रहे। अब न्यूजीलैंड के खिलाफ में नेपियर में खेले जाने वाले पहले वन डे से शुरू पांच मैचों की सीरीज में धोनी के प्रदर्शन पर सभी की निगाह रहने वाली है।
भारत के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज विजय दहिया कहते हैं, 'महेन्द्र सिंह धोनी निर्विवाद रूप से भारत के फटाफट क्रिकेट के आज भी चैंपियन बल्लेबाज और तारणहार हैं। महज कुछ मैचों में उनके बल्ले से रन नहीं बनने पर उनकी टीम इंडिया में जगह को लेकर चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन में कभी कोई 'बहस' थी ही नहीं।'
उन्होंने आगे कहा, 'धोनी की वन डे में टीम इंडिया में जगह को लेकर अगर कहीं कोई बहस थी तो केवल लोगों में। ऋषभ पंत के टेस्ट सीरीज में बल्ले से धमाकेदार प्रदर्शन के बावजूद उन्हें बाहर रख कर जब टीम इंडिया के प्रबंधन और चयनकर्ताओं ने धोनी को टीम में चुना तभी यह साफ हो गया था वे वन डे विश्व कप में भारतीय टीम की योजना का आज भी अहम हिस्सा हैं। इंग्लैंड लायंस के खिलाफ ऋषभ पंत को भारत ए टीम में रखना यह दर्शाता है कि वह भी विश्व कप के लिए भारतीय टीम की योजना का अहम हिस्सा हैं।'
वह बताते है, 'धोनी चौथे -पांचवें किस नंबर पर बल्लेबाजी करेंगे यह फैसला भारत के कप्तान विराट कोहली पर छोड़ देना चाहिए। दरअसल विराट खुद तो रंग में ही वह बतौर कप्तान विश्व कप से पहले अपने सभी तीरों को आजमा लेना चाहते है। इस लिहाज से न्यूजीलैंड के खिलाफ वन-डे सीरीज भी खासी अहम रहेगी। विराट विश्व कप के लिए अपने अंतिम 15 को जेहनी तौर से अंतिम रूप देने के बहुत करीब हैं।'
'धोनी खुद यह साफ कर चुके हैं कि उन्हें टीम की जरूरत के मुताबिक चार या इससे आगे किसी भी नंबर पर बल्लेबाजी करने में कतई परहेज नहीं हैं। यह दर्शाता है कि वह टीम की जरूरत के मुताबिक खेलना खूब जानते हैं। धोनी ने खासतौर पर अपने बल्ले से मैच की नजाकत के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन वन डे मैचों की सीरीज के तीनों मैचों में हाफ सेंचुरी जड़ कर साबित किया कि वह आज भी भारतीय क्रिकेट टीम के वन डे क्रिकेट में तारणहार हैं।'