भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी मंगलवार यानी सात जुलाई को अपना 39वां जन्मदिन मना रहे हैं। धोनी दुनिया के सबसे बेस्ट फिनिशरों में एक माने जाते हैं। पूरी दुनिया में 'माही' के लाखों करोड़ों फैन हैं। उनकी गिनती दुनिया के सबसे सफलतम कप्तानों में होती है। 'कैप्टन कूल' के नाम से मशहूर हुए धोनी अपने फैन के दिलों को मैदान पर अपने खेल से जीतते रहे हैं। बेहद शांतचित स्वभाव वाले धोनी काफी बार विवादों में भी रहे हैं। ऐसे में आइए जानते हैं धोनी के वो पांच विवाद, जिससे लगे करियर में दाग...
Ms Dhoni Birthday: धोनी के पांच विवाद, जिनसे लगा करियर में दाग
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धोनी-गंभीर विवाद
एमएस धोनी और पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर का विवाद पहले से रहा है। हुआ यूं था कि 2012 में ऑस्ट्रेलिया में हुई सीबी ट्राई सीरीज में धोनी ने रोटेशन पॉलिसी अपनाई थी, जिसके तहत टीम इंडिया तीन टॉप ऑर्डर बल्लेबाज गंभीर, सहवाग और सचिन को पूरी सीरीज के दौरान रोटेट किया गया था। इसके बाद गंभीर का एक बयान आया था और उस बयान को धोनी पर निशाने के रूप में देखा गया था। गंभीर ने एक इंटरव्यू में कहा था, '2012 में ऑस्ट्रेलिया में त्रिकोणीय सीरीज के दौरान कहा था वह हम तीनों (सचिन, सहवाग और गंभीर) को एक साथ नहीं खिला सकते क्योंकि वह 2015 वर्ल्ड कप के बारे में सोच रहे हैं।' उऩ्होंने कहा था, 'यह बहुत सदमे वाली बात थी। मुझे लगता है कि यह किसी भी क्रिकेटर के लिए सदमे जैसी बात होगी। मैंने कभी नहीं सुना कि किसी से 2012 में कहा जाए कि तुम 2015 वर्ल्ड कप में टीम का हिस्सा नहीं होगे। मैं हमेशा से यही सोचता आया था कि अगर आप रन बनाते रहें तो उम्र सिर्फ एक नंबर होती है।'
रिति स्पोर्ट्स विवाद
2013 के आईपीएल में महेंद्र सिंह धोनी पर यह आरोप लगा कि धोनी 'मैच फिक्सिंग' में शामिल थे। इसके बाद यह पता चला था कि धोनी की एक कंपनी में 15 फीसदी हिस्सेदारी है, जिसका नाम रिति स्पोर्ट्स है। इसमे सुरेश रैना और रवींद्र जडेजा भी शामिल थे। यह कहा गया कि धोनी ने इन दोनों का पक्ष लिया क्योंकि दोनों जितने अधिक मैच खेलते, उतने ज्यादा पैसा इस कंपनी में लगाते। माना गया की धोनी समेत रैना और जडेजा ने बीसीसीआई के मानदंडों का उल्लंघन किया है, लेकिन पूरा मामला गायब हो गया और धोनी टीम के कप्तान बने रहे।
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ग्लव्स विवाद
विश्व कप 2019 में धोनी ने सेना के बलिदान बैज को अपने विकेटकीपिंग ग्लव्स पर लगाकर एक अनोखे विवाद को जन्म दे दिया। धोनी ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में अपने कीपिंग ग्लव्स पर पैरामिलिट्री फोर्स का लोगों लगाया था, जिसे लेकर विवाद इतना बढ़ा कि आईसीसी और बीसीसीआई आमने सामने आ गईं। बाद में आईसीसी के नियमों के तहत धोनी को इस बैज का मैदान पर इस्तेमाल करने से मना कर दिया गया। धोनी भी अगले मैच में अपने ग्लव्स से बैज का निशान हटाकर मैदान पर उतरे।
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स्पॉट फिक्सिंग मामले में चुप्पी
टीम इंडिया के पूर्व और मौजूदा चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी 2013 स्पॉट फिक्सिंग मामले में छह साल बाद यानी 2019 में इस प्रकरण में चुप्पी तोड़ी थी। इस मामले की वजह से धोनी की टीम चेन्नई सुपरकिंग्स को दो साल के प्रतिंबध का भी सामना करना पड़ा था। धोनी ने वेब सीरीज 'रोर ऑफ द लॉयन' में इस प्रकरण में चुप्पी तोड़ते हुए कहा था, मैच फिक्सिंग निजी तौर पर सबसे बड़ा अपराध है। उन्होंने कहा कि उनके लिए मैच फिक्सिंग तो हत्या से भी बड़ा अपराध है। वे मैच फिक्सिंग में कभी शामिल नहीं हो सकते हैं क्योंकि वे आज जो कुछ भी हैं इस खेल की बदौलत ही हैं। मैं इस बारे में दूसरों से बात नहीं करना चाहता था, लेकिन अंदर से यह मुझे कुरेद रहा था। मैं नहीं चाहता कि किसी भी चीज का असर मेरे खेल पर पड़े। मेरे लिये क्रिकेट सबसे अहम है।'