चाइनामैन बॉलर कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल वनडे में भारत की हालिया सफलताओं में अहम कड़ी रहे हैं। अपने शानदार प्रदर्शन से दोनों प्रदर्शन इंग्लैंड में होने वाले आगामी विश्व कप के लिए टीम इंडिया के तरकश के बड़े तीर साबित हो रहे हैं। विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज टीम संयोजन के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण होगी।
पांच मैचों की सीरीज में भी यह जोड़ी फिर अपना कमाल दिखा सकती है। पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज में युजवेंद्र चहल को मेलबर्न में खेले गए अंतिम मैच में मौका मिला था जिसमें चहल ने 42 रन पर छह विकेट लेकर अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। मिडिल ओवरों में बेहद कारगर साबित हो रहे भारतीय स्पिनरों से फिर बड़ी उम्मीद रहेगी।
चयनकर्ताओं ने बाएं हाथ के स्पिनर रविंद्र जडेजा को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में जगह न देकर संकेत दे दिए हैं कि कुलदीप और चहल स्पिन विभाग में ‘थिंक टैंक’ की अहम योजनाओं का हिस्सा हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ पिछली वनडे सीरीज के चार मैचों में कुलदीप ने आठ विकेट लिए थे। जबकि चहल ने पांच मैचों में नौ विकेट अपनी झोली में डाले थे।
पिछले साल भी स्पिनरों का जलवा
अगर 2018 के रिकॉर्ड को देखें तो अफगानिस्तान के राशिद खान के अलावा भारत के कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल सर्वाधिक विकेट लेने वाले शीर्ष गेंदबाजों में शामिल हैं। राशिद खान ने पिछले साल 48 विकेट लिए जबकि कुलदीप ने 45 विकेट लिए थे।
दो साल पहले इंग्लैंड में हुई चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम को फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था। तब अश्विन और रविंद्र जडेजा टीम का हिस्सा थे। उसके बाद से भारत ने 49 वनडे खेले हैं जिसमें एक न एक कलाई का स्पिनर शामिल रहा है।