आईपीएल 2022 की दो फाइनलिस्ट टीमें मिल चुकी हैं। 29 मई यानी रविवार को गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स के बीच खिताबी भिड़ंत होगी। शुक्रवार को खेले गए क्वालिफायर-दो के मुकाबले में राजस्थान ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को सात विकेट से हरा दिया। इस मैच से पहले ही राजस्थान को फाइनल में पहुंचने का फेवरेट माना जा रहा था। आइए इसकी वजह जानते हैं।
दरअसल, प्लेऑफ की शुरुआत 2011 में हुई थी, यानी क्वालिफायर-1, एलिमिनेटर और फिर क्वालिफायर-2 वाला फॉर्मेट पिछले 12 सीजन से खेला जा रहा है। उससे पहले आईपीएल में सेमीफाइनल मुकाबले खेले जाते थे। 12 बार में से नौवीं बार ऐसा हुआ है जब क्वालिफायर-वन हारने वाली टीम फाइनल में पहुंची है। वहीं, एलिमिनेटर जीतने वाली टीम 12 में से नौवीं बार क्वालिफायर-दो मुकाबले में हारी है।
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राजस्थान की जीत में जोस बटलर ने अहम भूमिका निभाई
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राजस्थान को क्वालिफायर-वन में गुजरात ने हराया था। वहीं, बैंगलोर ने एलिमिनेटर मैच में लखनऊ सुपर जाएंट्स को हराया था। यही वजह थी कि राजस्थान को क्वालिफायर-2 जीतने का प्रबल दावेदार माना जा रहा था और ऐसा ही हुआ भी। राजस्थान रॉयल्स की जीत के साथ ही क्वालिफायर-वन हारने वाली टीम का फाइनल में पहुंचने का जीत प्रतिशत 75 हो गया है। वहीं, एलिमिनेटर जीतकर फाइनल में पहुंचने वाली टीम का जीत प्रतिशत सिर्फ 25 है।
अहमदाबाद में आईपीएल 2022 का यह पहला मुकाबला खेला गया। इस मैच से पहले इस मैदान में 2021 में कुल 10 टी-20 मुकाबले खेले गए थे। इसमें भारत और इंग्लैंड के बीच पांच टी-20 और आईपीएल 2021 के पांच मैच शामिल हैं। ऐसे में फाइनल मुकाबला भी दिलचस्प रहने वाला है।
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आईपीएल 2022
- फोटो : अमर उजाला
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में टॉस की भूमिका भी अहम रही है। इस मैदान पर बाद में बल्लेबाजी करना आसान है। पिछले साल इस मैदान पर खेले गए टी-20 मैचों में पहले बल्लेबाजी करते हुए 170 से कम का लक्ष्य देने वाली टीमों को एक भी जीत नसीब नहीं हुई है। यानी 170 से कम के टारगेट को चेज करते हुए बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम ने सभी मैच जीते हैं।
पिछले साल और राजस्थान-बैंगलोर के मैच को मिलाकर सात बार पहले बैटिंग करने वाली टीम ने 170 से कम का लक्ष्य दिया और बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम ने वह सभी मैच जीत लिए। वहीं, इस मैदान पर बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम 170 से ज्यादा का टारगेट एक बार भी हासिल नहीं कर पाई है। राजस्थान-बैंगलोर मैच में भी ऐसा ही हुआ। चार मैचों में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने 170 से ज्यादा का लक्ष्य दिया और बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम वह सभी चार मुकाबले हार गई।
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राजस्थान के कप्तान संजू सैमसन
- फोटो : IPL/BCCI
ऐसे में गुजरात और राजस्थान के बीच होने वाले खिताबी मुकाबले में दोनों टीमों के लिए टॉस जीतना अहम होगा। पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम 170 से ज्यादा का टारगेट सेट करना चाहेगी। वहीं, बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम उन्हें 170 से कम के स्कोर पर समेटना चाहेगी। पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम अगर 170 से ज्यादा का टारगेट देती है तो लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
राजस्थान की टीम ने इस सीजन सिर्फ चार बार बाद में बल्लेबाजी की है। इनमें से दो बार टीम को 170 से ज्यादा रन का लक्ष्य मिला। इसमें से राजस्थान की टीम ने एक बार जीत हासिल की, वहीं एक मैच में टीम को हार का सामना करना पड़ा। वहीं, बैंगलोर की टीम ने सात मैचों में लक्ष्य का पीछा किया और चार में टीम को जीत हासिल हुई। फाइनल में गुजरात के कप्तान हार्दिक पांड्या और राजस्थान के कप्तान संजू सैमसन चाहेंगे कि सिक्का उनके पक्ष में गिरे।