अगर दुनिया में सबकुछ सामान्य होता, कोरोना वायरस नामक महामारी नहीं आई होती तो आईपीएल को उसका 13वां चैंपियन मिल चुका होता। मगर कोविड-19 के बढ़ते मामले और उसके मद्देनजर देशभर में जारी लॉकडाउन के चलते 29 मार्च से शुरू होने वाली इंडियन प्रीमियर लीग अब 19 सितंबर से यूएई में खेली जाएगी। हर सीजन के सर्वोच्च स्कोरर को टूर्नामेंट के अंत में ऑरेंज कैप से नवाजा जाता है। हैरान करने वाली बात है कि अब तक सिर्फ तीन भारतीय बल्लेबाज ही ऑरेंज कैप जीतने में सफल हो पाए हैं।
IPL 2020: अब तक सिर्फ तीन भारतीय बल्लेबाजों के सिर ही सज पाई ऑरेंज कैप
क्रिकेट के भगवान कहलाए जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने आईपीएल के तीसरे सीजन में अपने बल्ले से तूफान ला दिया था। मुंबई इंडियंस के लिए सलामी बल्लेबाजी का मोर्चा संभालने वाले मास्टर-ब्लास्टर के बल्ले से 2010 के 15 मैच में 47.53 की औसत से 618 रन निकले थे। 132.61 की स्ट्राइक रेट से रन बनाने के दौरान सचिन का सर्वोच्च स्कोर 89 रहा था। तीन छक्के और 86 चौके जड़ने वाले सचिन ने पांच अर्धशतक भी ठोके थे। फाइनल में मुंबई को हार का सामना करना पड़ा था और चेन्नई ने अपना पहला खिताब जीता था।
2014 का ऑरेंज कैप रॉबिन उथप्पा के सिर सजा था। आरसीबी, मुंबई इंडियंस के लिए खेल चुके रॉबी वैसे तो इस सीजन राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते नजर आएंगे, लेकिन 2014 में कोलकाता को उसका दूसरा आईपीएल खिताब दिलाने में उथप्पा ने अहम किरदार निभाया था। 16 मैच में 44 की औसत से 660 रन बनाने वाले कर्नाटक के इस बल्लेबाज का स्ट्राइक रेट 137.78 था। टूर्नामेंट में पांच अर्धशतक जमाने वाले मध्यक्रम स्तंभ ने 83 रन की सर्वोच्च पारी खेली थी। यूएई और भारत में संयुक्त रूप से होने वाले उस सीजन में 74 चौके और 18 छक्के के बूते उथप्पा ने जमकर फैंस का मनोरंजन किया था।
टीम इंडिया के वर्तमान कप्तान विराट कोहली ने 2016 में बल्लेबाजी के सारे कीर्तिमान ध्वस्त कर दिए थे। उस सीजन हर टीम का गेंदबाज कोहली के सामने बौना ही साबित हो रहा था। कोहली के 'विराट' फॉर्म का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने 16 मैच में 973 रन बनाए थे और पांच शतक जमाए थे। 13 सीजन में इतने रन न तो कभी बने और न ही इतने शतक कोई 'रन'बांकुरा जड़ पाया। 81.08 की औसत से गेंदबाजों की पिटाई करने वाले चीकू का सर्वोच्च स्कोर 113 था। 83 चौके और 38 छक्के की मदद से उन्होंने सात अर्धशतक भी जमाए, लेकिन बावजूद इसके उनकी टीम फाइनल में सनराइजर्स हैदराबाद के हाथों हार गई।