300 वन-डे खेलने वाले स्पेशल भारतीय क्रिकेटर्स, इनके रिकॉर्ड्स तोड़ना लगभग नामुमकिन!
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युवराज सिंह
केन्या के खिलाफ 3 अक्टूबर 2000 को वन-डे करियर में डेब्यू करने वाले युवराज सिंह ने अब तक 304 वन-डे में 14 शतक और 52 अर्धशतकों की मदद से कुल 8701 रन बनाए हैं। बाएं हाथ के बल्लेबाज ने भारत को 2007 वर्ल्ड टी20 और 2011 वर्ल्ड कप में वर्ल्ड चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई।
वर्ल्ड रिकॉर्ड- 35 वर्षीय युवी सबसे ज्यादा 7 बार आईसीसी टूर्नामेंट के फाइनल का हिस्सा रहे हैं, जो एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है। युवी से पहले ये रिकॉर्ड कुमार संगकारा, महेला जयवर्धने और रिकी पॉन्टिंग के नाम दर्ज था, जिन्होंने 6-6 आईसीसी इवेंट के फाइनल खेले थे।
# युवी ने टी20 इंटरनेशनल में सिर्फ 12 गेंदों में फिफ्टी जमाई। यह भी वर्ल्ड रिकॉर्ड है, जिसे तोड़ना मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन है। गेल ने इस रिकॉर्ड की बराबरी की, लेकिन तोड़ नहीं सके।
सौरव गांगुली
गांगुली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ ब्रिस्बेन में 11 जनवरी 1992 को अपने वन-डे करियर का आगाज किया था। 'गॉड ऑफ ऑफसाइड' की उपाधि हासिल करने वाले सौरव गांगुली ने 311 वन-डे में 22 शतक और 72 अर्धशतकों की मदद से कुल 11,363 रन बनाए। 45 वर्षीय गांगुली ने अपना आखिरी वन-डे मैच 15 नवंबर 2007 को ग्वालियर में खेला था। फिलहाल गांगुली कैब अध्यक्ष हैं और बोर्ड में भी सक्रिय हैं।
वर्ल्ड रिकॉर्ड- सबसे ज्यादा शतकीय साझेदारियों में शामिल होने का वर्ल्ड रिकॉर्ड। सचिन तेंदुलकर के साथ 26 शतकीय साझेदारियां की। पहले विकेट के लिए सर्वाधिक फिफ्टी प्लस की साझेदारी का रिकॉर्ड भी दर्ज। गांगुली ने 44 अर्धशतकीय साझेदारियां की हैं।
मोहम्मद अजहरुद्दीन
मैच फिक्सिंग के आरोप में फंसे पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन 300 वन-डे खेलने वाले पहले भारतीय क्रिकेटर बने थे। तीन वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की कप्तानी करने वाले अजहर ने 334 वन-डे में 7 शतक और 58 अर्धशतकों की मदद से 9,378 रन बनाए। कलाइयों के सहारे गेंद को किसी भी दिशा में खेलने के लिए मशहूर अजहरुद्दीन ने अपने करियर का अंत फिक्सिंग के आरोपों को झेलते हुए किया।
वर्ल्ड रिकॉर्ड - अपने पहले तीन टेस्ट में तीन शतक लगाने वाले एकमात्र बल्लेबाज हैंअजहरुद्दीन। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ कोलकाता में 110 रन, फिर चेन्नई में 105 और कानपुर में 122 रन की पारी खेली।
राहुल द्रविड़
जब द्रविड़ ने अपने करियर शुरू किया तब उन्हें टेस्ट स्पेशलिस्ट माना गया और वन-डे टीम में उनकी जगह नहीं बनती थी। डेब्यू के 15 साल के बाद राहुल द्रविड़ वन-डे प्रारूप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों में तीसरे स्थान पर रहे। श्रीलंका के खिलाफ सिंगापुर में 3 अप्रैल 1996 को वन-डे में डेब्यू करने वाले 'द वॉल' द्रविड़ ने 344 वन-डे में 12 शतक और 83 अर्धशतकों की मदद से 10,889 रन बनाए। द्रविड़ ने अपने वन-डे करियर का अंत इंग्लैंड के खिलाफ कार्डिफ में 16 सितंबर 2011 को किया।
वर्ल्ड रिकॉर्ड- द्रविड़ ने तीसरे क्रम पर उतरकर 10,000 रन बनाए। लगातार 120 वन-डे में कभी शून्य पर आउट नहीं हुए, जो वर्ल्ड रिकॉर्ड है। टेस्ट करियर में सबसे ज्यादा कैच (210) लेने का वर्ल्ड रिकॉर्ड।