हरमनप्रीत कौर भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बन चुकी हैं। बने भी क्यों नहीं, उन्होंने 2017 महिला वर्ल्ड कप के दूसरे सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने करियर की बेस्ट पारी खेलकर टीम को फाइनल में जो पहुंचाया है। 28 वर्षीया हरमनप्रीत कौर ने इंग्लैंड के डर्बी में गुरुवार को खेले गए दूसरे सेमीफाइनल में सिर्फ 115 गेंदों में 20 चौको और 7 छक्कों की मदद से नाबाद 171 रन की पारी खेली। उनकी पारी की बदौलत भारत ने वर्षाबाधित मुकाबले में तय किए गए 42 ओवर में 4 विकेट खोकर 281 रन बनाए। इसके बाद गेंदबाजों ने अपना काम करते हुए कंगारू टीम को 245 रन पर ऑलआउट करके टीम को 36 रन की जीत दिलाई।
सहवाग का फंडा अपनाकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दमदार प्रदर्शन कर सकी : हरमनप्रीत कौर
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हरमनप्रीत को शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। ट्रॉफी लेने के बाद मध्यक्रम की महिला बल्लेबाज ने कहा, 'मैं इस मौके को हर हाल में भुनाना चाहती थी। पूरे टूर्नामेंट में मुझे बल्लेबाजी का अच्छा मौका नहीं मिला, लेकिन जब इस मैच में मौका मिला तो मैं प्रदर्शन करके अपने आप को साबित करना चाहती थी। मैं भगवान को धन्यवाद देना चाहती हूं कि मैंने जैसा सोचा, वैसा ही हुआ। कप्तान मिताली राज और वेदा कृष्णमूर्ति ने भी उम्दा पारियां खेली और दीप्ति ने मेरा बखूबी साथ निभाया।'
कौर ने आगे कहा, 'दीप्ति को मैंने सिर्फ इतना कहा कि स्ट्राइक रोटेट करे क्योंकि मैं गेंद पर अच्छे से प्रहार कर पा रही थी और लय में थी। उसने मेरा बखूबी साथ दिया और मैंने खुलकर अपने शॉट्स खेले, जिसकी बदौलत हम विशाल स्कोर खड़ा करने में कामयाब रहे। मैं भगवान का धन्यवाद करना चाहती हूं कि मैंने जैसा सोचा वैसा ही हो पाया।' इसके अलावा दाएं हाथ की महिला बल्लेबाज ने अपने बल्लेबाजी की योजना का खुलासा भी किया।
उन्होंने कहा, 'मेरा एक ही फंडा था कि गेंद को देखो और उस पर हिट करो। मैं जानती हूं कि आस्ट्रेलियाई गेंदबाज अच्छी दिशाओं में गेंदबाजी कर रही थीं लेकिन मैं केवल स्ट्राइक रोटेट करते हुये बड़ा स्कोर करना चाहती थी।' बता दें कि वीरेंदर सहवाग की ये योजना होती थी कि वो गेंद को देखते ही हिट करना पसंद करते थे। महिला बल्लेबाज हरमनप्रीत कौर पूर्व भारतीय विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंदर सहवाग की बड़ी फैन भी हैं और उन्होंने अपने आदर्श के जैसे ही बल्लेबाजी भी करना सही समझा।
बहरहाल, मैच के दौरान दीप्ति शर्मा पर गुस्से होने वाली घटना के लिए हरमनप्रीत ने माफी मांगी। उन्होंने कहा, 'मैं अपना विकेट नहीं गंवाना चाहती थी। मैं यह भी नहीं चाहती थी कि वो आउट हो। इसलिए उस समय गुस्सा आ गया। मगर हम जीतकर बहुत खुश हैं।' बता दें कि चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरी हरमनप्रीत ने 115 गेंदों में 20 चौको व सात छक्को की मदद से नाबाद 171 रन की अविश्वसनीय पारी खेलते हुये भारत को 42 ओवर के मैच में 281 के विशाल स्कोर तक पहुंचाया था। इस मैच में गेंदबाजों ने भी जबरदस्त खेल दिखाते हुये आस्ट्रेलिया को 245 पर ढेर कर फाइनल में जगह बना ली जहां वह खिताब के लिये 23 जुलाई को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड से भिड़ेगी।