भारतीय टीम के सपोर्ट स्टाफ की नियुक्ति हो चुकी है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और प्रशासनिक समिति (सीओए) ने भरत अरुण को टीम इंडिया का नया गेंदबाजी कोच नियुक्त कर दिया है। टीम इंडिया के हेड कोच रवि शास्त्री को उनका मनपसंद स्टाफ मिल गया है। शास्त्री के कहने पर ही अरुण को ये जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं बीसीसीआई ने बल्लेबाजी कोच के रूप में संजय बांगर और फील्डिंग कोच के रूप में फील्डिंग कोच को बरकरार रखा है।
610 विकेट वाले जहीर खान पर कैसे भारी पड़े 5 विकेट लेने वाले भरत अरुण
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अरुण को गेंदबाजी कोच बनाए जाने के बाद जहीर खान का पत्ता कट चुका है, जिन्हें कुछ समय पहले क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) ने गेंदबाजी कोच के रूप में नियुक्त किया था। दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ का पत्ता भी लगभग कटता हुआ नजर आ रहा है। द्रविड़ को विदेशी दौरों के लिए टीम इंडिया का बल्लेबाजी सलाहकार बनाया गया था। 'द वॉल' के नाम से मशहूर द्रविड़ फिलहाल टीम इंडिया की अंडर-19 और भारत 'ए' के प्रमुख कोच हैं। हाल ही में उन्होंने राष्ट्रीय टीम की जिम्मेदारी संभालने के इरादे से अपनी आईपीएल टीम दिल्ली डेयरडेविल्स का साथ छोड़ दिया था।
टीम इंडिया के हेड कोच रवि शास्त्री ने बीसीसीआई की प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि राहुल द्रविड़ व जहीर खान दोनों ही शानदार और अनुभवी क्रिकेटर्स हैं। अगर वो दोनों टीम को किसी भी तरह की सलाह देंगे तो वो क्रिकेटर्स व टीम के लिए कीमती होगी। उल्लेखनीय है कि शास्त्री ने जब टीम इंडिया के डायरेक्टर की भूमिका निभाई थी तब भी उनके कोचिंग स्टाफ में अरुण, बांगर और श्रीधर शामिल थे।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि राहुल द्रविड़ और जहीर खान की टीम इंडिया में बतौर सपोर्ट स्टाफ कोई भूमिका होगी या नहीं। याद हो कि शास्त्री ने जहीर का विरोध करते हुए भरत अरुण को गेंदबाजी कोच बनाने का सुझाव दिया था। हाल ही में पूर्व भारतीय कप्तान और मौजूदा सीएसी सदस्य व क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (कैब अध्यक्ष) सौरव गांगुली ने बताया था कि जहीर खान साल में 150 दिन गेंदबाजी कोच के रूप में काम करेंगे। उन्होंने कहा था कि जहीर खान सिर्फ 100 दिन काम करना चाहते थे, लेकिन सीएसी के कहने पर वो अपना कार्यकाल आगे बढ़ाने के लिए राजी हो गए थे।
यह भी एक वजह थी कि टीम इंडिया को फुल टाइम गेंदबाजी कोच की जरुरत थी, जिसके लिए भरत अरुण प्रबल दावेदार थे। 54 साल के भरत अरुण अब श्रीलंका दौरे पर टीम इंडिया के गेंदबाजी कोच की कमान संभालेंगे। भरत अरुण ने 1986 में गेंदबाज के तौर पर अपना टेस्ट और वन-डे डेब्यू किया। उन्होंने दो टेस्ट और चार वन-डे ही खेले। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुल छह मैच खेलने वाले तमिलनाडु के अरुण ने सिर्फ पांच विकेट लिए हैं। वहीं जहीर खान ने 200 वन-डे में 282 विकेट, टेस्ट में 311 और टी-20 में कुल 17 विकेट हासिल किए हैं। जहीर पर अरुण को तरजीह देने का एकमात्र जरिया शास्त्री का जोर देना माना जा रहा है। दरअसल, शास्त्री और अरुण अंडर-19 क्रिकेट से साथ खेलते आए हैं। अरुण उस अंडर-19 टीम के खिलाड़ी थे, जिसका नेतृत्व रवि शास्त्री कर रहे थे।