उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गुरुवार और शुक्रवार (17 और 18 अप्रैल) को होने वाले अमर उजाला के वैचारिक संवाद कार्यक्रम में देश की जानी मानी शख्सियतों, नीति नियंताओं, विचारकों और विशेषज्ञों के विचार जानने और उनसे रूबरू होने का मौका मिलेगा। इस कार्यक्रम में खेल और फिल्म जगत की हस्तियों से लेकर राजनीति के पुरोधा जुटेंगे। 17 अप्रैल को संवाद का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे।
इस कार्यक्रम में खेल हस्तियों में विश्व कप विजेता क्रिकेटर सुरेश रैना, राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता मुक्केबाज निकहत और भारत को ओलंपिक में मुक्केबाजी में पहला पदक दिलाने वाले मुक्केबाज विजेंदर सिंह शिरकत करेंगे। इस दौरान उनसे खेल पर चर्चा होगी। रैना जहां आईपीएल और क्रिकेट से जुड़े मजेदार किस्से सुनाएंगे। वहीं, निकहत और विजेंदर ओलंपिक के अपने अनुभव और आगामी ओलंपिक को लेकर भारत की तैयारी के बारे में बात करेंगे।
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विजेंदर सिंह
- फोटो : Amar Ujala
विजेंदर ने 2008 बीजिंग ओलंपिक में जीता था कांस्य
विजेंदर को साल 2009 में राजीव गांधी खेल रत्न से नवाजा गया था। उन्होंने 2008 के बीजिंग ओलिंपिक में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था। वे इन खेलों में पदक जीतने वाले पहले भारतीय मुक्केबाज थे। 39 वर्षीय विजेंदर अभी पेशेवर सर्किट में खेल रहे हैं हालांकि उन्होंने 2022 के बाद से कोई मुकाबला नहीं लड़ा है। विजेंदर राजनीति में भी सक्रिय हैं। उन्होंने 2024 में भाजपा का दामन थामा था। इससे पहले वह कांग्रेस का हिस्सा थे।
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निकहत जरीन
- फोटो : Amar Ujala
निकहत ने 13 की उम्र में शुरू की बॉक्सिंग
28 साल की निकहत ने महज 13 साल की उम्र में बॉक्सिंग शुरू कर दी थी, लेकिन उनके लिए यह राह आसान नहीं थी। समाज की तरफ से उन पर हिजाब पहनने का दबाव डाला गया। उनके शॉर्ट्स पहनने पर भी आपत्ति जताई गई। हालांकि, निकहत के पास उनके परिवार का समर्थन था और वह इन सब चीजों से लड़ते हुए कड़ी प्रैक्टिस पर लगी रहीं। निकहत के पिता जमील अहमद खुद पूर्व फुटबॉलर और क्रिकेटर रह चुके हैं। ऐसे में उन्होंने बेटी को खेल में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। निकहत 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। वहीं, 2023 महिला विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। हालांकि, वह पिछले साल ओलंपिक में पदक जीतने में कामयाब नहीं हो पाई थीं।
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सुरेश रैना
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रैना भारत के लिए तीनों प्रारूप में शतक लगा चुके
38 साल के सुरेश रैना देश के सबसे विस्फोटक बल्लेबाजों में शुमार रहे हैं। वह पहले भारतीय खिलाड़ी हैं, जिन्होंने तीनों फॉर्मेट में शतक लगाने का गौरव हासिल किया। वह अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच में शतक लगाने वाले पहले भारतीय भी हैं। 2005 में श्रीलंका के खिलाफ वनडे मैच में अपने करियर की शुरुआत करने वाले रैना भारत के मध्यक्रम में बेहतरीन बल्लेबाज और बैहद उपयोगी ऑलराउंडर रहे। धोनी के साथ उनकी जोड़ी शानदार थी और इन दोनों खिलाड़ियों ने मिलकर देश के लिए कई मैच जीते। रैना अपनी बल्लेबाजी के अलावा फील्डिंग और गेंदबाजी के दम पर भी मैच पलटने का माद्दा रखते थे। उन्हें मिस्टर आईपीएल के नाम से भी जाना जाता है।