दिल्ली के अनाजमंडी इलाके में रविवार तड़के लगी भीषण आग में अब तक 43 लोगों की मौत हो चुकी है। बताया जा रहा है कि संकरी गलियों में स्थित पैकेजिंग और बैग बनाने वाली फैक्टरी में शार्ट सर्किट होने से आग लगी। दिल्ली पुलिस के अनुसार, इनमें से अधिकतर लोगों की मौत दम घुटने से हुई है। मरने वाले अधिकतर लोग यूपी और बिहार के बताए जा रहे हैं।
इस अग्रिकांड ने वर्ष 1997 में हुए उपहार हादसे की याद दिला दी। उसमें 59 लोगों की मौत हुई थी। दोनों ही जगहों पर ज्यादातर लोगों की मौत दम घुटने से हुई। दोनों ही जगह पर बाहर निकलने का एक ही सकरा रास्ता था। आइए जानते हैं दिल्ली में कब-कब लोगों ने इस तरह के अग्निकांड में अपनी जान गंवाई...
बवाना स्थित फैक्टरी में जनवरी, 2018 को आग लग गई थी। आग में झुलसने से 17 लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने फैक्टरी मालिक मनोज जैन व ललित गोयल को गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने दोनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है।
13 अप्रैल 2018: कोहाट एंक्लेव में एक इमारत में लगी आग, एक ही परिवार के चार लोगों की झुलसकर मौत।
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होटल से कूदते लोग
- फोटो : अमर उजाला
करोल बाग
फरवरी 2019 में करोल बाग स्थित एक होटल की चौथी मंजिल में लगी भीषण आग की वजह से 17 लोग मारे गए थे जबकि 35 घायल हुए थे। मारे गए लोगों में से चार की छत से कूदने के कारण मौत हुई थी। इस अग्निकांड में भी प्रशासन की बड़ी चूक सामने आई थी क्योंकि होटल में अग्निशामक यंत्र पूरे नहीं थे।
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इसी इमारत में लगी थी आग
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जाकिर नगर
जाकिर नगर एक चार मंजिला मकान में छह अगस्त, 2019 को आग लग गई थी। आग में छह लोग जिंदा जल गए थे, जबकि 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जांच में पता चला था कि आग बिजली मीटर में हुए शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी।