{"_id":"5bda915abdec22697879c03c","slug":"chhattisgarh-assembly-election-2018-raman-singh-political-journey-in-bjp","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"चुनौतियों से निपटने में माहिर हैं रमन सिंह, जानें अबतक का सियासी सफर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चुनौतियों से निपटने में माहिर हैं रमन सिंह, जानें अबतक का सियासी सफर
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 01 Nov 2018 11:55 AM IST
विज्ञापन
Raman Singh
- फोटो : Raman Singh
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रमन सिंह 15 साल 10 महीने से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के पद पर काबिज हैं। छत्तीसगढ़ में 12 नवंबर को पहले चरण का मतदान है। प्रदेश के मुखिया रमन सिंह की नजर फिर चुनाव जीतकर चौथी बार मुख्यमंत्री बनने की होगी। इस बार कांग्रेस सत्ताधारी पार्टी भाजपा को कड़ी टक्कर दे रही है, मगर तमाम चुनावी सर्वे भाजपा की वापसी भी तय बता रहे हैं। रमन सिंह का लगातार 15 साल से सीएम का पद संभालना बताता है कि वह किस तरह हर चुनौती को पार कर शिखर पर बने हुए हैं। रमन सिंह की क्या खासियतें हैं और उनके नाम क्या क्या उपलब्धियां हैं आपको बता रहे हैं।
Raman Singh- Narendra Modi
जुलाई 2016 में रमन सिंह ने सबसे ज्यादा समय तक मुख्यमंत्री रहने का कीर्तिमान स्थापित किया। उन्होंने यह उपलब्धि वर्तमान प्रधानमंत्री और गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को पछाड़कर हासिल की।
Ajit jogi- Mayawati
कांग्रेस से नाता तोड़ने वाले अजीत जोगी की छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (सीजेएस) और मायावती की बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन ने इस चुनावी जंग को दिलचस्प बना दिया है। जोगी हमेशा से ही सतनामी (एससी का एक समुदाय) लोगों का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं, अब बसपा के साथ जाने से भाजपा की राह मुश्किल नजर आ रही है। सपाक्स और जयस की वजह से भी इस बार का विधानसभा चुनाव दिलचस्प नजर आ रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
BJP- Congress
इस बार कांग्रेस सत्ता में वापसी के लिए जनता के गुस्से भुनाकर अपने वनवास को खत्म करने का प्रयास कर रही है। हालांकि चुनौतियों से पार पाने का गुर रमन सिंह बखूबी जानते हैं। 2013 के विधानसभा चुनाव से पहले बस्तर में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर हमले के बाद ऐसा माना जा रहा था कि यह हमला चुनाव में भाजपा के हार की वजह बनेगा। मुख्यमंत्री रमन सिंह ने इस घटना को सुरक्षा में चूक के रूप में स्वीकार किया। इसने उन्हें कठोर निर्णय लेने वाले नेता के रूप में भी स्थापित किया।
विज्ञापन
Atal Bihari Vajpayee- Raman Singh
रमन सिंह ने अपना सियासी सफर कर्वधा से विधायक के रूप में निर्वाचित होकर शुरू किया। 1999 में वह राजनांदगांव से सांसद के रूप में जीतकर अटल सरकार में वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री बने। चावल योजना की वजह से रमन सिंह को चाउर वाले बाबा के नाम से भी जाना जाता है। अगर वह इस बार भी भाजपा की सरकार बनवा देते हैं तो एक नया इतिहास रच देंगे।