आज हम जानेंगे सेंसेक्स और निफ्टी क्या हैं और इनके बीच का खास अंतर क्या होता है? अक्सर हम सभी लोग टीवी, समाचार पत्र या किसी अन्य जगहों पर सेंसेक्स और निफ्टी के बारे में सुनते रहते हैं। रोजाना टीवी चैनलों और समाचार पत्रों पर इनके उतार चढ़ाव को लेकर काफी चर्चाएं होती हैं। वहीं दूसरी तरफ क्या कभी आपने इस बारे में पता लगाया है कि सेंसेक्स और निफ्टी क्या होते हैं? और इनके बीच क्या अंतर है? अगर नहीं, तो आज हम आपको इसी के बारे में बताने वाले हैं। आइए जानते हैं विस्तार से -
Sensex and Nifty: आसान भाषा में समझें क्या होते हैं सेंसेक्स और निफ्टी, और क्या है इनके बीच का अंतर
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सेंसेक्स की शुरुआत 1 जनवरी 1986 को की गई थी। इसमें कुल 30 कंपनियां शामिल हैं। इस कारण इसको BSE30 के नाम से भी जाना जाता है। सेंसेक्स के उतार चढ़ाव से ये पता चलता है कि देश की बड़ी कंपनियों और शेयर बाजार की क्या स्थिति है?
निफ्टी
निफ्टी, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के अंतर्गत आता है। निफ्टी में देश की कुल 50 कंपनियों को इंडेक्स किया जाता है। इन कंपनियों का चुनाव देश के 12 अलग अलग सेक्टर से किया जाता है। निफ्टी शब्द नेशनल और 50 से मिलकर बना है। निफ्टी को निफ्टी 50 के नाम से भी जाना जाता है।
इसकी शुरुआत साल 1994 में की गई थी। निफ्टी में हो रहे उतार चढ़ाव से बाजार के विषय में पता चलता है कि उसका रुख किस दिशा में जा रहा है। आइए जानते हैं कि सेंसेक्स और निफ्टी में खास अंतर क्या है?
अंतर
- सेंसेक्स बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के अंतर्गत आता है। वहीं निफ्टी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का इंडेक्स है।
- सेंसेक्स के भीतर 30 कंपनियां इंडेक्स हैं। वहीं निफ्टी के भीतर कुल 50 कंपनियों को शामिल किया गया है।
- सेंसेक्स का बेस वैल्यू 100 है। वहीं निफ्टी का 1000।