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प्रॉपर्टी: बिक्री में तेजी की उम्मीद, घर खरीदने से पहले इन अनुपातों के बारे में जानना जरूरी

Mon, 07 Jun 2021 03:19 PM IST
‌डिंपल अलावाधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलावाधी Updated Mon, 07 Jun 2021 03:19 PM IST
सार

कोरोना वायरस महामारी के कारण संकट में गुजरे साल 2020 के बाद रियल्टी उद्योग को इस साल सुधार की उम्मीद है। रियल्टी क्षेत्र को कोरोना के मामले घटने के साथ मकानों की मांग में तेजी की उम्मीद है।

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keep these things in mind before purchasing house and manage funds
प्रॉपर्टी (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : pixabay

कोरोना वायरस महामारी के कारण संकट में गुजरे साल 2020 के बाद रियल्टी उद्योग को इस साल सुधार की उम्मीद है। रियल्टी क्षेत्र को कोरोना के मामले घटने के साथ मकानों की मांग में तेजी की उम्मीद है। रियल्टी उद्योग वर्ष 2016 में नोटबंदी के बाद से ही अपने पैरों पर मजबूती से खड़ा होने का प्रयास कर रहा है लेकिन वर्ष 2020 ने उसके इन प्रयासों पर जैसे पानी फेर दिया। कोरोना वायरस महामारी के कारण देश की अर्थव्यवस्था में मांग बुरी तरह प्रभावित हुई। 2020 में बैंकों द्वारा आवास ऋण पर कम ब्याज दर, डेवलपर द्वारा दी गई विभिन्न प्रकार की छूट और मुफ्त तोहफे तथा कुछ राज्यों में स्टाम्प शुल्क दरों में की गई कमी से उद्योग को नए साल में मांग बढ़ने की उम्मीद है। 



इस साल मकानों की बिक्री में तेजी आने की उम्मीद है। कोरोना काल में फ्रॉम होम कल्चर के चलते लोगों को मकान की जरूरत महसूस हो रही है। लेकिन मकान खरीदते समय अक्सर हम कई महत्वपूर्ण चीजों पर गौर नहीं करते। आइए जानते हैं इनके बारे में।

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प्रॉपर्टी (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

कर्ज-मूल्य अनुपात
घर का सौदा करने से पहले यह जान लें कि आप बैंक से कितना होम लोन ले सकते हैं। यह तय करने के लिए बैंक कर्ज-मूल्य अनुपात (एलटीवी) अपनाते हैं। यानी मूल्य के अनुपात में दिए जाने वाले आवास ऋण। यह प्रॉपर्टी की असल कीमत और लोन का अनुपात होता है।

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प्रॉपर्टी (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : pixabay

डेट-टू-इनकम रेश्यो
डेट-टू-इनकम रेशियो (डीटीआर्इ) कर्ज चुकाने की ग्राहक की क्षमता को नापने का तरीका है। इसे निकालने के लिए मिनिमम क्रेडिट कार्ड पेमेंट, कार लोन, एजुकेशन लोन जैसी कर्ज देनदारी को मासिक इनकम से भाग दिया जाता है। इसकी मदद से बैंक इस बात का मूल्यांकन कर पाते हैं कि आवेदक की आर्थिक स्थिति उसे और कितना कर्ज लेने की अनुमति देती है। इस रेशियो को मासिक आधार पर निकाला जाता है।

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प्रॉपर्टी (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : pixabay

परिवार की कुल संपत्ति
बैंक आवेदक और परिवार के सदस्यों की आय पर भी गौर करते हैं। इसके लिए कारोबार से आपकी आय के अलावा परिवारजनों की आय, उनकी संपत्ति और पूरे परिवार की कुल संपत्ति की वैल्यू आंकी जाती है।

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प्रॉपर्टी (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : pixabay

कैपिटलाइजेशन रेट
कैपिटलाइजेशन रेट या कैप रेट एक अचल संपत्ति के लिए उपयोग की जाने वाली गणना उपकरण है। इसको निकालने के लिए पहले सभी परिचालन खर्चों को वार्षिक किराए में से घटाएं और फिर इससे प्रॉपर्टी के मूल्य को विभाजित करें। खर्च में मरम्मत की लागत, टैक्स, एजेंट शुल्क आदि शामिल हो सकते हैं। इससे निवेश पर रिटर्न का अंदाजा लगा सकते हैं।

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