पीएफ का पैसा सिर्फ कुछ खास परिस्थितियों में ही निकाला जा सकता है। कुछ परिस्थितियों में आप पूरा पैसा निकाल सकते हैं और कुछ में अपने कुल पैसे का एक निश्चित हिस्सा। पीएफ खाता हर कर्मचारी के भविष्य के लिए की गई बचत है। इसलिए यदि कोई मुश्किल समय न आए तो पीएफ का पैसा नहीं निकालना ही समझदारी है। आज हम आपको बताएंगे कि आप किन परिस्थितियों में पीएफ का कितना पैसा निकाल सकते हैं।
शादी और पढ़ाई के लिए
आप अपनी या अपने भाई-बहन की या अपने बच्चों की शादी के लिए भी पीएफ की राशि को निकाल सकते हैं। वहीं अगर आपको पढ़ाई के लिए पैसों की जरूरत है, तो भी आप पीएफ की राशि को निकाल सकेंगे। हालांकि इसके लिए आपको कम से कम सात साल की नौकरी करनी होगी। आप जिस भी कारण के लिए पैसा निकालेंगे, उसका सबूत आपको देना होगा।
इलाज के लिए
नियम के अनुसार आप अपने और अपने परिवार के इलाज के लिए पीएफ का पूरा पैसा निकाल सकते हैं। लेकिन इसके लिए आपको सबूत देना होगा कि जिसके लिए आप पैसे निकालना चाहते हैं, वो एक महीना या उससे अधिक समय तक अस्पताल में भर्ती है। इसके अतिरिक्त आपको इंप्लॉयर या ईएसआई के द्वारा अप्रूव किया गया एक सर्टिफिकेट भी देना होगा।
होम लोन की रि-पेमेंट के लिए
इसके अतिरिक्त अगर आपको अपने होम लोन के रि-पेमेंट के लिए पीएफ का पैसा निकालना है, तो आपकी नौकरी के 10 साल पूरे होने चाहिए। इसके लिए आप अपनी सैलरी का अधिकतम 36 गुना तक पीएफ का पैसा निकाल सकते हैं।
प्लॉट खरीदने के लिए
अगर आप अपना खुद का घर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आप पीएफ का पैसा इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आपका कार्यकाल पांच साल पूरा होना चाहिए। ये प्लॉट आप अपने, या अपनी पत्नी के या फिर दोनों के नाम पर रजिस्टर करा सकेंगे। ध्यान रहे कि पीएफ का पैसा निकालने के लिए ये अनिवार्य है कि आपकी प्रॉपर्टी किसी प्रकार के विवाद में न फंसी हो। प्लॉट खरीदने के लिए आप अपनी सैलरी का अधिकतम 24 गुना तक पीएफ का पैसा निकाल सकते हैं।