एक अक्तूबर से भारत में कईं बड़े बदलाव हुए हैं। इन बदलावों का आपकी जिंदगी पर सीधा असर पड़ेगा। इन नए नियमों से जहां एक ओर आपको राहत मिलेगी, वहीं अगर आपने कुछ बातों का ध्यान नहीं रखा तो आपको आर्थिक नुकसान भी हो सकता है। इनमें रसोई गैस सिलिंडर के दाम, लोन, पेंशन, जीएसटी काउंसिल का फैसला, ड्राइविंग लाइसेंस, होटल का किराया, आदि शामिल है। आइए जानते हैं इन महत्वपूर्ण बदलावों के बारे में।
जरूरी खबर: रसोई से लेकर ड्राइविंग लाइसेंस और पेंशन तक, आज से भारत में बदल गए ये 11 नियम
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महंगा हुआ रसोई गैस सिलिंडर
एक अक्तूबर से रसोई गैस सिलिंडर की कीमत में बढ़ोतरी हो गई है। लगातार दूसरे महीने रसोई गैस के दाम में इजाफा हुआ है, जिससे आम आदमी को झटका लगा है। देश के प्रमुख महानगरों में बिना-सब्सिडी वाला गैस सिलिंडर करीब 15 रुपये महंगा हुआ है।
गैस सिलिंडर के लिए चुकाने होंगे इतने पैसे
आज से दिल्ली में 14.2 किलो के बिना सब्सिडी वाले सिलिंडर के लिए आपको 605 रुपये चुकाने पड़ेंगे। कोलकाता में इसका दाम 630 रुपये है। वहीं मुंबई और चेन्नई में 14.2 किलो के बिना सब्सिडी वाले सिलिंडर का दाम क्रमश: 574.50 और 620 रुपये है। वहीं, 19 किलोग्राम सिलिंडर की कीमत दिल्ली में 1085 रुपये हो गई है। कोलकाता में 1139.50 रुपये, मुंबई में 1032.50 रुपये और चेन्नई में इसका दाम 1199 रुपये है।
केंद्रीय कर्मियों की पेंशन का नियम बदला
सरकार ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के पेंशन नियमों में बदलाव किया है, जो एक अक्तूबर से लागू हो गया है। पहले केंद्रीय कर्मी की सेवा अगर सात साल पूरी होती है तो उनकी मौत की स्थिति में परिवार को अंतिम वेतन के 50 फीसदी के बराबर पेंशन दी जाती थी। बदलाव के तहत अगर कर्मचारी को लगातार सेवा के सात साल पूरे नहीं हुए हैं, तो भी उसके परिवार को पेंशन का लाभ दिया जाएगा।
डीएल-आरसी में भी बदलाव
अब पूरे देश में डीएल और आरसी का रूप-रंग बदलने जा रहा है। एक अक्तूबर से पूरे देश में डीएल और गाड़ी के पंजीकरण प्रमाण पत्र का रंग, लुक, डिजाइन और सुरक्षा फीचर एक जैसे होंगे। स्मार्ट डीएल और आरसी में माइक्रोचिप व क्यूआर कोड होंगे, जिससे पिछला रिकॉर्ड छुपाया नहीं जा सकेगा। क्यूआर कोड रीड करने के लिए ट्रैफिक पुलिस को हैंडी ट्रैकिंग डिवाइस दिया जाएगा। अब हर राज्य में डीएल, आरसी का रंग समान होगा व उनकी प्रिंटिंग भी एक जैसी होगी। इसके अलावा डीएल और आरसी में जानकारियां भी एक जैसी और एक ही जगह पर दी जाएंगी। बदलाव के साथ सरकार सभी वाहनों और चालकों का ऑनलाइन डाटाबेस भी तैयार करेगी।
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होम-ऑटो लोन हुआ सस्ता
आरबीआई के रेपो रेट में कटौती का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए एसबीआई ने एक अक्तूबर से अपनी कर्ज की ब्याज दरों को रेपो रेट से जोड़ने का फैसला किया है। इससे ग्राहकों को करीब 0.30 फीसदी तक सस्ती दरों पर होम और ऑटो लोन मिल सकेगा। एसबीआई के अलावा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, इंडियन बैंक, निजी क्षेत्र के फेडरल बैंक ने भी एक अक्तूबर से अपनी खुदरा कर्ज की ब्याज दरों को रेपो से जोड़ने का एलान किया है। अभी तक सभी बैंक एमसीएलआर पर आधारित ब्याज दर से कर्ज देते हैं।