गुड्स एंड सर्विस टैक्स लागू होने के बाद पहली बार अगले महीने से शादियों का सीजन शुरू हो जाएगा। इस बार अगर आपके घर में किसी की शादी है तो फिर बजट में बढ़ोतरी करनी होगी, क्योंकि जीएसटी से कई सर्विस और वस्तुएं महंगी हो गई हैं।
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सर्विस टैक्स हुआ मंहगा
जीएसटी के बाद से सर्विस टैक्स 18 फीसदी हो गया है। ऐसे में आप शादी के लिए जो भी सर्विस को बुक करेंगे उस पर सर्विस चार्ज बढ़कर देना होगा। अगर आपने कोई सर्विस बुक की है जिसको 1 लाख रुपये में बुक किया है तो उस पर 18 हजार रुपये टैक्स के तौर पर अतिरिक्त देना होगा। टैक्स एक्सपर्ट के मुताबिक ऐसे में टेंट, कैटरिंग, डेकोरेशन, फ्लॉवर डेकोरेशन सभी तरह की सर्विस पर जीएसटी देना ही होगा।
जीएसटी देना क्यों जरूरी
जीएसटी देना आपको इसलिए जरूरी होगा क्योंकि सरकार इन सभी सर्विस को टैक्स के दायरे में ले आई है। जुलाई से पहले तक आप कच्चे बिल पर कैश ट्रांजेक्शन कर लेते थे, लेकिन अब न कच्चा बिल चलेगा और न ही कैश ट्रांजेक्शन। एक लाख रुपये से ऊपर के ट्रांजेक्शन पर पैन देना अनिवार्य है।
गोल्ड, कपड़ों की खरीददारी भी हुई महंगी
गोल्ड और कपड़ों की खरीद पर पहले जीएसटी नहीं लगता था। लेकिन जुलाई के बाद से गोल्ड पर 3 फीसदी और ब्रांडेड कपड़ों पर 5 व 12 फीसदी की दर से जीएसटी लगने लगा है। 1000 रुपये से नीचे के कपड़ो पर 5 एवं इससे अधिक मूल्य के कपड़ों पर 12 फीसदी टैक्स लगता है। इससे कपड़े भी महंगे हो गए हैं। वहीं सोने-चांदी की खरीद पर जीएसटी के अलावा पैन कार्ड, केवाईसी और 13 फीसदी तक मेकिंग चार्ज भी देना होगा। ऐसे में शादी करना भी काफी महंगा हो गया है।