सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लेकर लंबे समय से हो रहा इंतजार बुधवार को खत्म हो गया। केंद्रीय कैबिनेट ने वेतन में 23 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी को मंजूरी दे दी गई। बैठक में बढ़े वेतन को जुलाई से देने पर सहमति बनी, जबकि सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू मानी जाएंगी। सरकार जनवरी से अभी तक का बढ़ा वेतन अपने कर्मचारियों को एरियर के तौर पर देगी।
मोदी कैबिनेट ने लगायी 7वें वेतन आयोग पर मोहर
सरकार के इस फैसले से लगभग करीब एक करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों को सीधे फायदा मिलेगा। इनमें से 50 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं और 58 लाख रिटायर हो चुके हैं।
मोदी कैबिनेट ने लगायी 7वें वेतन आयोग पर मोहर
न्यूनतम वेतन की गणना एक परिवार में चार सदस्यों के आधार पर की जाती है। कर्मचारी की कम से कम इतनी तनख्वाह तय की जाती है, जिससे वह अपने परिवार के खाने, कपड़े, मकान, दवा, र्इंधन, बिजली, मनोरंजन, शादी आदि का खर्चा निकाल सके।
मोदी कैबिनेट ने लगायी 7वें वेतन आयोग पर मोहर
वेतन निर्धारण का फार्मूला 1957 के श्रम सम्मेलन की सिफारिशों के आधार पर तय हुआ था, जो अब तक जारी है।
मोदी कैबिनेट ने लगायी 7वें वेतन आयोग पर मोहर
परंपरा के अनुसार मामूली बदलाव के बाद देश भर की राज्य सरकारें, स्वायत्तशासी संस्थान और सरकारी नियंत्रण वाली फर्म भी वेतन आयोग को अपना लेती हैं। इस हिसाब से इसका असर संगठित क्षेत्र के दो करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों पर पड़ेगा।