1 फरवरी 2022 को चौथी बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट पेश किया। ये बजट वित्त वर्ष 2022-23 के लिए था। कोरोना के चलते क्षतिग्रस्त अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए बजट 2022 बहुत महत्वपूर्ण है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करने के दौरान कई बड़े फैसलों का एलान किया है, जिसमें आपने 'ग्रीन बॉन्ड' का नाम भी सुना होगा। दरअसल, सरकार सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड जारी करने की तैयारी में है। अगर आपको ग्रीन बॉन्ड को समझने में परेशानी हो रही है, तो ये खबर आपके लिए बेहद काम की हो सकती है। आज हम आपको ग्रीन बॉन्ड से जुड़े कुछ सवालों के बारे में बताने जा रहे हैं, जैसे - ये किस तरह का बॉन्ड है या इसमें निवेश करने पर क्या फायदा मिलेगा? ग्रीन बॉन्ड जारी करने की वजह? इससे लोगों पर क्या असर पड़ने वाला है? तो आइए इन सभी सवालों के जवाब के बारे में जानते हैं...
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Green Bonds: क्या है ग्रीन बॉन्ड और क्यों इसे देश में किया जा रहा है जारी? जानिए इसके बारे में सबकुछ
Fri, 04 Feb 2022 03:14 PM IST
ज्योति मेहरा
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Fri, 04 Feb 2022 03:14 PM IST
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क्या है ग्रीन बॉन्ड, क्यों इसे देश में किया जा रहा है जारी?
- फोटो : i stock
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क्या है ग्रीन बॉन्ड, क्यों इसे देश में किया जा रहा है जारी?
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ग्रीन बॉन्ड का मतलब क्या है?
- ग्रीन बॉन्ड एक तरह का फिक्स्ड इनकम का निवेश है। सरकार इसके तहत पर्यावरण व क्लाइमेट में हो रहे बदलाव के लिए पैसे जुटा सकती है। ये बॉन्ड एसेट से लिंक्ड होती है साथ ही जारी करने वाले की बैलेंस शीट से भी जुड़ा होता है। इस तरह के बॉन्ड से बेहद आसानी से किसी भी प्रोजेक्ट के लिए पैसे जुटाए जा सकते हैं। यही वजह है कि सरकारों को भी ये बॉन्ड इसलिए पसंद आते हैं।
क्या है ग्रीन बॉन्ड, क्यों इसे देश में किया जा रहा है जारी?
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- इन बॉन्ड के जरिए निवेशकों को कम समय में अच्छे और सेफ रिटर्न मिलते हैं। साथ ही लोगों को प्राइवेट सेक्टर इक्विटी या बॉन्ड्स के जरिए निवेश करने का मौका देती है। दरअसल, सरकारी बॉन्ड से जुटाए हुए पैसे प्राइवेट बॉन्ड/ कॉरपोरेट बॉन्ड के लिए बेंचमार्क माना जाता हैं। सरकार को इन बॉन्ड में कितना फायदा मिला है, इसी आधार पर कॉरपोरेट भी बॉन्ड जारी करते हैं।
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ग्रीन बॉन्ड जारी करने के पीछे की वजह
- इस बॉन्ड की मदद से सरकार उन निवेशकों को आकर्षित करना चाहती है, जो पहले भी सरकारी बॉन्ड में निवेश कर रहे हैं। वहीं इस बॉन्ड को जारी करने के पीछे सरकार का मकसद पर्यावरण और जलवायु प्रोजेक्ट के लिए पैसे जुटाना है। इसकी मदद से किसी भी तरह की पर्यावरण केंद्रित परियोजनाओं को तेजी मिल सकती है। साथ ही सरकार के पास फंड भी भरपूर रहेगा।
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क्या मिलेगा फायदा?
- ग्रीन बॉन्ड में निवेशकों को टैक्स में छूट की सुविधाएं मिलती हैं। इसी के चलते बाकी बॉन्ड के मुकाबले इसमें निवेश करना ज्यादा लाभकारी होता है। हाल ही में जर्मनी, डेनमार्क ने भी अपने देश में ग्रीन बॉन्ड जारी किया है। वहीं अब भारत में इसकी रूपरेखा सामने आना बाकी है। खास बात तो ये है, कि दुनिया भर में ग्रीन बॉन्ड का बाजार एक ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा का है।