अभी तक फेस्टिव सीजन में भारी मंदी से जूझ रहे ज्वैलर्स के लिए आने वाले हफ्ता काफी बढ़िया रहने की उम्मीद है। सरकार द्वारा सोना खरीदने पर पैन कार्ड देने की सीमा को 50 हजार रुपये से दो लाख रुपये करने से इसमें उछाल आने की संभावना है।
29 हजार के स्तर पर है गोल्ड
फेस्टिव सीजन की शुरुआत से लेकर के गोल्ड के दाम 29 हजार रुपये के स्तर पर फिलहाल बने हुए हैं। हालांकि खुदरा बाजार में सोना अभी भी 30 हजार के स्तर पर चल रहा है। शनिवार को सरकार द्वारा पैन कार्ड की अनिवार्यता को बढ़ाने की घोषणा करने के बाद से ज्वैलर्स की उम्मीद काफी बढ़ गई है। दिल्ली बुलियन एंड ज्वेलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष विमल गोयल के मुताबिक जीएसटी से पहले दिल्ली के बुलियन बाजार में हर रोज 200 करोड़ रुपये तक का कारोबार होता था। जीएसटी के बाद इसमें 75 फीसदी की गिरावट आई थी।
अब 50 हजार रुपये से ऊपर की खरीद करने वालों से पैन कार्ड मांगना अनिवार्य नहीं रहा है तो उम्मीद है कि कारोबार फिर से पटरी पर लौट आएगा। लेकिन, कारोबार जीएसटी से पहले के स्तर पर पहुंच जाएगा, इसकी गारंटी नहीं है, क्योंकि बाजार में पैसे हैं ही नहीं तो लोग आभूषण कहां से खरीदेंगे।
पहले नहीं लगता था गोल्ड पर जीएसटी
गोल्ड की खरीद पर पहले जीएसटी नहीं लगता था। लेकिन जुलाई के बाद से गोल्ड पर 3 फीसदी की दर से जीएसटी लगने लगा है। सोने-चांदी की खरीद पर जीएसटी के अलावा पैन कार्ड, केवाईसी और 13 फीसदी तक मेकिंग चार्ज भी देना होगा। ऐसे में शादी करना भी काफी महंगा हो गया है।