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तो इसलिए कारोबार में मारवाड़ियों से पिछड़ते हैं कारोबारी
Sat, 05 Nov 2016 03:47 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 05 Nov 2016 03:47 PM IST
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Kumar Mangalam Birla
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हमारे देश में मारवाड़ी कारोबारियों का दबदबा रहा है चाहे वो बिड़ला हों या माहेश्वरी। मारवाड़ियों को बिजनेस में पछाड़ना आसान नहीं है। ये विषय इतना रोचक है कि इस पर थॉमस ए.टिंबर्ग ने पुस्तक The Marwaris: From Jagath Seth to the Birlas लिख डाली। पुस्तक के अनुसार मारवाड़ियों के अंदर ऐसे गुण पाए जाते हैं, जिसके कारण वह कारोबार को लंबे समय तक चलाने में सक्षम होते हैं।
सही जगह पैसे का निवेश
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Marwari businessmen
मारवाड़ी बिजनेस फर्म्स दो अहम काम करते हैं। वे पैसे का निवेश ऐसी जगहों पर करते हैं, जो लॉन्ग टर्म में काफी फायदेमंद है। जिन उद्यमों में उनका शेयर होता है, उनकी वित्तीय स्थिति पर गहरी नजर रखते हैं।
कर्मचारियों को डील करने में महारत
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Snapdeal Founder
बिजनेस अकेले नहीं चलता है, इसके लिए आपको कर्मचारी की जरूरत पड़ती है। आपको उन पर विश्वास तो करना पड़ता है लेकिन उन पर नजर रखने की भी जरूरत होती है। कोई कर्मचारी अगर असंतुष्ट हो तो उसको हटा देना सही होता है ताकि वह बागी न बन जाए। निष्क्रिय एग्जिक्युटिव्स और परिवार के सदस्यों को उन पोजिशनों पर धकेल देना चाहिए, जो इतनी अहम नहीं है। इन सारे कामों में मारवाड़ी निपुण होते हैं।
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योजना
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Marwari Businessmen
किसी प्रॉजेक्ट पर काम करने की योजना बनाते हैं तो उस पर खूब गौर करें। उसके स्टाइल और सिस्टम पर ध्यान दें। सिर्फ योजनाएं बनाने से काम नहीं चलता है, उन पर सही तरह से अमल करना जरूरी होता है।
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सही कॉर्पोरेट कल्चर
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Ola Founder
किसी फर्म या ग्रुप का कल्चर मार्केट और समय के अनुसार होना चाहिए। कंपनियों का कॉर्पोरेट कल्चर एंप्लॉयी में वफादारी की भावना पैदा करता है। फाइनेंशियल इंसेंटिव्स ही हर बार काफी नहीं होता है। समय के हिसाब से बदलाव या अजस्टमेंट करते रहना चाहिए।
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