आठवें वेतन आयोग की मंजूरी के साथ अनुमान लगाया जा रहा है कि केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में 186 फीसदी की वृद्धि हो सकती है। यानी, न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी से कर्मचारियों के जीवन की गुणवत्ता में और सुधार आने की उम्मीद है। सातवें वेतन आयोग के बाद न्यूनतम आय 18 हजार रुपये प्रतिमाह हो गया, मगर क्या आप जानते हैं कि पहले वेतन आयोग के दौरान न्यूनतम आय 50 रुपये प्रतिमाह था। देश का पहला वेतन आयोग मई, 1946 में गठित हुआ था, ताकि आजादी के बाद वेतन ढांचे को सुसंगत बनाया जा सके। अब तक सात वेतन आयोग बनाए जा चुके हैं और हर आयोग के साथ लाभार्थियों की संख्या भी बढ़ती गई। सातवें वेतन आयोग का लाभ करीब एक करोड़ कर्मचारियों को मिल रहा है।
Pay Commission: सात आयोगों के बाद ₹50 से ₹18 हजार पहुंचा न्यूनतम वेतन; हर बार बढ़ा जीवन की गुणवत्ता का स्तर
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Fri, 17 Jan 2025 07:49 AM IST
सार
केंद्र सरकार ने आठवें वेतन आयोग के गठन की घोषणा कर दी है। हालांकि, अभी कर्मचारी संगठन इस संबंध में 'टर्म आफ रेफरेंस' का इंतजार कर रहे हैं। आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें एक जनवरी 2026 से लागू होंगी। मतलब, अगले वर्ष से वेतनमान रिवाइज होंगे।
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