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Yes Bank का सफर: ग्राहकों को तगड़ा 'ब्याज' बांटने वाला प्राइवेट बैंक कैसे हुआ बर्बाद?

Fri, 06 Mar 2020 03:30 PM IST
श्रीधर मिश्रा बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: श्रीधर मिश्रा Updated Fri, 06 Mar 2020 03:30 PM IST
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Yes Bank - फोटो : Social Media

यस बैंक (Yes Bank) आज अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि अब इसे बचाने की कोशिश की जा रही है। बैंक के शेयर लगातार गिर रहे हैं, यहां तक कि शुक्रवार को तो यह 50 फीसदी नीचे ट्रेड कर रहा है। ऐसे में एक सवाल यह है कि यस बैंक का ऐसा हाल हुआ कैसे? खासकर तब जब एक समय इस बैंक का जलवा पूरे देशभर में फैला हुआ था। यहां आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एक दौर ऐसा था जब इस बैंक को दूसरे बैंकों के मुकाबले ज्यादा ब्याज देने के लिए पहचाना और पसंद किया जाता था। आज हम आपको यस बैंक के अब तक के सफर के बारे में बताने जा रहे हैं। हम आपको बताएंगे कि इसकी शुरुआत कैसे हुई और समय के साथ यह कैसे मुसीबतों में घिरता चला गया। डालते हैं एक नजर,



 

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यस बैंक ग्राहक - फोटो : ANI

2004 में शुरू हुआ सफर

यस बैंक का सफर साल 2004 में शुरू हुआ। इस बैंक को राणा कपूर ने अपने रिश्तेदार अशोक कपूर के साथ मिलकर शुरू किया था। 

Yes Bank का दम

  • यस बैंक देश का चौथा सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक है।
  • यस बैंक का हेडक्वॉर्टर मुंबई में है। 
  • यस बैंक की देशभर में 1000 से ज्यादा ब्रांचेज हैं।
  • यस बैंक के देशभर में 1800 एटीएम हैं। 
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yes bank - फोटो : PTI

Yes Bank कैसे था अलग?

  • यस बैंक देश का एक ऐसा निजी बैंक है, जिसकी महिला स्पेशल ब्रांच भी है।
  • महिला स्पेशल ब्रांच YES Grace के नाम से चलती है। 
  • YES Grace ब्रांच में पूरी तरह से महिलाकर्मी काम करती हैं।
  • यस बैंक के देशभर में 30 से ज्यादा YES SMI ब्रांचेज हैं, जो SMEs को सबसे खास सर्विस देते हैं।
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yes bank

कब शुरू हुई पहली लड़ाई?

2004 में शुरू हुआ यस बैंक का सफर शुरुआती दिनों में काफी शानदार रहा, लेकिन 26/11 मुंबई हमलों ने इस बैंक की नींव में एक बड़ी दरार डाल दी। दरअसल मुंबई में हुए 26/11 हमलों में अशोक कपूर की मौत हो गई। इसके बाद अशोक कपूर की पत्नी मधु कपूर और राणा कपूर के बीच हो रही नोकझोंक की खबरें बाहर आने लगीं। दोनों के बीच बैंक के मालिकाना हक को लेकर लड़ाई शुरू हो गई। मधु कपूर अपनी बेटी को बोर्ड में शामिल करना चाहती थीं, जिसे लेकर राणा और मधु के बीच काफी अनबन होने लगी।

हालत इतने खराब हो गए कि यह मामला अदालत तक जा पहुंचा। इस पूरे मामले की मुंबई की अदालत में सुनवाई हुई, जिसमें कोर्ट ने राणा कपूर के पक्ष में फैसला सुनाया। कोर्ट से मिली जीत के बाद राणा कपूर और मधु कपूर के बीच लड़ाई रुक गई। इसके बाद रणवीर गिल को Yes Bank का एमडी बनाया गया। 

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yes bank crisis - फोटो : पीटीआई

बुलंदियों पर पहुंचा Yes Bank

एक छोटा सा बैंक महज एक दशक में तीन लाख करोड़ रुपये की एसेट वाली कंपनी बन गई। स्टॉक मार्केट में यस बैंक के शेयर आसमान छूने लगे। एक समय तो ऐसा भी आया जब कंपनी के शेयर 1400 रुपये तक पहुंच गए थे। 

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