पहले जब हमें दूर शहर में रहने वाले किसी रिश्तेदार से बात करना होता था तो हम टेलीफोन बूथ जाते थे। लेकिन अब वह दौर गुजर चुका है। धीरे-धीरे टेलीफोन बूथ नदारद होते जा रहे हैं। लेकिन एक संस्था ने टेलीफोन बूथ को जिंदा रखने के लिए सहेझने का प्रयास किया वो भी बिल्कुल अलग अंदाज में, जिसके कारण इन टेलीफोन बूथों को देखने के लिए लोगों को लाइन लगानी पड़ती है।
बड़ा खास है दुनिया का सबसे छोटा म्यूजियम, 'टेलीफोन बूथ' के बाहर लगती है लाइन
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव शुक्ला
Updated Sun, 24 Mar 2019 04:03 PM IST
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