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दुनिया की सबसे ऊंची इमारत के अलावा दुबई में और भी बहुत कुछ, नहीं जानते होंगे ये 10 रोचक बातें
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Updated Sun, 13 May 2018 04:46 PM IST
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दुनिया के वैभवशाली शहरों का कोई प्रतिमान ढूंढना हो तो आज के समय में दुबई से बेहतर कोई ओर उदाहरण हो ही नहीं सकता। तेल के खजाने ने वहां हर वो चीज ला खड़ी की है जिसकी कल्पना शायद ही की जा सकती है। इसीलिए जब दुनिया घुमने की बात होती है तो उसमें दुबई सबसे ऊपर होता है। आज दुबई के पास दुनिया के सबसे ऊंची इमारत ही नहीं बल्कि इससे कहीं ज्यादा कुछ है। इस बारे में आपको शायद ही जानकारी होगी। तो चलिए जानते हैं इनके बारे में...
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दुनिया की सबसे ऊंची इमारत है 'बुर्ज खलीफा'
दुबई में दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा' है। इस इमारत में 160 मंजिल तक रिहायशी अपार्टमेन्ट है, जबकि पर्यटकों को लिए सिर्फ 124 मंजिल तक जाने की इजाजत है। यहां तक पहुंचने के बाद पर्यटकों को चारों ओर का नजारा मिलता है। यहां हाई टेलीस्कोपी दूरबीन से आपको धरती अपने चारों ओर गोल सी नजर आती है। इसके अलावा प्रति सेकेंड एक मंजिल की रफ्तार से चलने वाली लिफ्ट में आप उतरते वक्त हवा का वही दबाव कानों में महसूस कर सकते है जैसा कि हवाई जहाज के एयरपोर्ट पर लैंड करते समय महसूस होता है।
दुबई में दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा' है। इस इमारत में 160 मंजिल तक रिहायशी अपार्टमेन्ट है, जबकि पर्यटकों को लिए सिर्फ 124 मंजिल तक जाने की इजाजत है। यहां तक पहुंचने के बाद पर्यटकों को चारों ओर का नजारा मिलता है। यहां हाई टेलीस्कोपी दूरबीन से आपको धरती अपने चारों ओर गोल सी नजर आती है। इसके अलावा प्रति सेकेंड एक मंजिल की रफ्तार से चलने वाली लिफ्ट में आप उतरते वक्त हवा का वही दबाव कानों में महसूस कर सकते है जैसा कि हवाई जहाज के एयरपोर्ट पर लैंड करते समय महसूस होता है।
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दुबई का मौसम
मौसम के लिहाज से दुबई ज्यादा माकूल नहीं रहता। यहां करीब आठ माह गर्मी पड़ती है जबकि चार माह ही मौसम ठीक रहता है। गर्मी का आलम यह रहता है कि तापमान करीब 52 डिग्री सेल्शियस तक पहुंच जाता है। आने वाले चार माह यानि नवंबर से फरवरी तक यहां मौसम खुशगवार रहता है। तीन माह यहां इतने अधिक पर्यटक आते है कि यहां मौजूद होटलों के सत्तर हजार, कमरे भी कम पड़ जाते है। बारिश तो यहां होती ही नहीं। कभी-कभी दिसंबर-जनवरी में बौछार अवश्य पड़ जाती है।
मौसम के लिहाज से दुबई ज्यादा माकूल नहीं रहता। यहां करीब आठ माह गर्मी पड़ती है जबकि चार माह ही मौसम ठीक रहता है। गर्मी का आलम यह रहता है कि तापमान करीब 52 डिग्री सेल्शियस तक पहुंच जाता है। आने वाले चार माह यानि नवंबर से फरवरी तक यहां मौसम खुशगवार रहता है। तीन माह यहां इतने अधिक पर्यटक आते है कि यहां मौजूद होटलों के सत्तर हजार, कमरे भी कम पड़ जाते है। बारिश तो यहां होती ही नहीं। कभी-कभी दिसंबर-जनवरी में बौछार अवश्य पड़ जाती है।
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दुबई माल
दुबई माल तो इतना बड़ा है कि उसे देखकर दंग रह जाएं। अगर आपको यह माल पूरा देखना है तो दो दिन लग जाएंगे। कमोबेश यही स्थिति अमीरात माल की भी है। बस दोनों में फर्क इतना है कि दुबई माल में एक्वेरियम ओर चिड़ियाघर है, वहीं अमीरात माल में स्नो वर्ल्ड है।
दुबई माल तो इतना बड़ा है कि उसे देखकर दंग रह जाएं। अगर आपको यह माल पूरा देखना है तो दो दिन लग जाएंगे। कमोबेश यही स्थिति अमीरात माल की भी है। बस दोनों में फर्क इतना है कि दुबई माल में एक्वेरियम ओर चिड़ियाघर है, वहीं अमीरात माल में स्नो वर्ल्ड है।
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Aquarium
एक्वेरियम और चिड़ियाघर
दुबई माल में दुनिया का सबसे बड़ा एक्वेरियम है। इसमें समुद्र में रहने वाले करीब 33,000 जीव-जंतुओं को रखा गया है। इसे बनाने में करीब 12 बिलियन डालर का खर्च आया था। बुर्ज खलीफा से सटे एक माल में यह एक्वेरिय है। एक्वेरियम में जाने के लिए सौ दिरहम यानी पन्द्रह सौ रुपए का टिकट लगता है। इसमें आपको एक सुंरग में जाने पर वैसा अनुभव मिलता है मानो आप समुद्र की सतह पर पहुंच गए हों। इस सुरंग को पार करते समय आपके चारो ओर से समुद्री जीव-जंतु गुजरते रहते है। शीशे की इस सुरंग से निकलते वक्त जो अनुभूति होती है वह शब्दों में बयां नहीं की जा सकती। एक्वेरियम की दूसरी सतह यानि पानी के ऊपर से वाटर बोट पर आप सैर कर सकते है। इसमें शार्क मछलियां अगल-बगल से तैरती हुई निकलेंगी। यह बोट चारों ओर से बंद रहती है।
कृत्रिम चिड़ियाघर में भी अधिकतर वही जंतु है जो पानी या ठंडे प्रदेशों में रहते है। यहां पर पेंग्विन को रखने के लिए विशेष रूप से बर्फीली गुफाओं को बनाया गया है। वहीं अमीरात माल में बने ‘स्नो वर्ल्ड’ में आप अंटार्टिका का अनुभव कर सकते है। इसमें प्रवेश के लिए आपको विशेष रूप से तैयार की गई किट पहनाई जाती है। इसमें बर्फ पर राइडिंग और स्कीइंग का भी मजा ले सकते है।
दुबई माल में दुनिया का सबसे बड़ा एक्वेरियम है। इसमें समुद्र में रहने वाले करीब 33,000 जीव-जंतुओं को रखा गया है। इसे बनाने में करीब 12 बिलियन डालर का खर्च आया था। बुर्ज खलीफा से सटे एक माल में यह एक्वेरिय है। एक्वेरियम में जाने के लिए सौ दिरहम यानी पन्द्रह सौ रुपए का टिकट लगता है। इसमें आपको एक सुंरग में जाने पर वैसा अनुभव मिलता है मानो आप समुद्र की सतह पर पहुंच गए हों। इस सुरंग को पार करते समय आपके चारो ओर से समुद्री जीव-जंतु गुजरते रहते है। शीशे की इस सुरंग से निकलते वक्त जो अनुभूति होती है वह शब्दों में बयां नहीं की जा सकती। एक्वेरियम की दूसरी सतह यानि पानी के ऊपर से वाटर बोट पर आप सैर कर सकते है। इसमें शार्क मछलियां अगल-बगल से तैरती हुई निकलेंगी। यह बोट चारों ओर से बंद रहती है।
कृत्रिम चिड़ियाघर में भी अधिकतर वही जंतु है जो पानी या ठंडे प्रदेशों में रहते है। यहां पर पेंग्विन को रखने के लिए विशेष रूप से बर्फीली गुफाओं को बनाया गया है। वहीं अमीरात माल में बने ‘स्नो वर्ल्ड’ में आप अंटार्टिका का अनुभव कर सकते है। इसमें प्रवेश के लिए आपको विशेष रूप से तैयार की गई किट पहनाई जाती है। इसमें बर्फ पर राइडिंग और स्कीइंग का भी मजा ले सकते है।