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चमत्कार! मौत के 2 महीने बाद मुस्कुराने लगा बौद्ध भिक्षु, चौंक पड़ी दुनिया

Sat, 27 Jan 2018 10:45 AM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला Updated Sat, 27 Jan 2018 10:45 AM IST
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Miracle with dead body of a Buddhist monk
dead body of a buddhist monk
इसे हम चमत्कार ही कहेंगे। मौत के 2 महीने बाद किसी की डेड बॉडी मुस्कुराने लगे तो दुनिया तो चौंक ही पड़ेगी। जी हां यहां कुछ ऐसा ही हुआ है...

 
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Miracle with dead body of a Buddhist monk
dead body of a buddhist monk
यह मामला सामने आया है थाईलैंड में। यहां एक बौद्ध भिक्षु के शव को उनके भक्तों ने एक रस्म के लिए कब्र से बाहर निकाला तो वे चौंक पड़े। जो कोई सामने आया उसे देख आंखें फटी रह गई। दरअसल, बौद्ध भिक्षु के शरीर पर कोई खास फर्क नहीं पड़ा था और उनके चेहरे पर एक मुस्कान कायम थी।

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह डेडबॉडी बौद्ध भिक्षुओं के गुरु Luang Phor Pian की है जिनकी मृत्यु 92 साल की उम्र में हुई थी। मौत के बाद उन्हें उसी मंदिर में दफनाया गया जहां वे सेवा करते थे।  
Miracle with dead body of a Buddhist monk
dead body of a buddhist monk
ठीक दो महीने बाद एक खास रस्म के लिए उनका शव कब्र से बाहर निकाला गया तो बाकी भिक्षु दंग रह गए। लुआंग के चेहरे पर कुटिल मुस्कान थी। ऐसा लग रहा था कि जैसे वह चैन की नींद में सो रहे हों।

 
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dead body of a buddhist monk
इस पर यकीन करना मुश्किल है कि 2 महीने बाद भी उनका शरीर वैसा ही है। हालांकि उनकी बॉडी की हालत कुछ बिगड़ गई है
लेकिन आज भी डेडबॉडी को देखकर कोई नहीं कह सकता कि उनकी मौत 2 महीने पहले हुई होगी।

जो कोई उनके शव को देखता है वह कहता है इसे देखकर तो ये लगता है कि इनकी मौत सिर्फ 36 घंटे पहले हुई हो। उनके चेहरे पर मौजूद मुस्कान को लेकर भक्तों का भी अनोखा लॉजिक है। वे मानते हैं उन्हें मोक्ष मिल गया है।
 
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dead body of a buddhist monk
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भिक्षु के शव को निकालकर यह खास रस्म निभाई जाती है, क्योंकि उन्हें साफ कर नए कपड़े पहना दिए जाते है। फिर उनके लिए पूजा की जाती है। 

ये पूजा तब तक चलेगी जब तक उनकी मौत हुए 100 दिन पूरे नहीं हो जाते। 100वें दिन पूरे होने के बाद उन्हें हमेशा के लिए दफना दिया जाएगा। दरअसल बौद्ध धर्म में बौद्ध भिक्षुओं के शव को 100 दिन तक इसी प्रक्रिया के तहत फाइनल टेस्टिंग सेरेमनी तक रखा जाता है।
 
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