तीन साल पहले की बात है। तमिलनाडु बाढ़ की चपेट में था। चेन्नई के मस्जिद में बाढ़ पीड़ितों (जिनमें अन्य धर्म के लोग भी थे) को रखा गया था। जुम्मे की नमाज पढ़ने का वक्त आया तो मुसलमान बिना कोई विरोध किए, खुद बाहर चले गए और मस्जिद के बाहर रोड पर अपनी प्रार्थना पूरी की। मुसलमानों की दरियादिली ने सबका दिल जीता। तीन साल बाद पंडितों ने भी मुसलमानों के लिए दरवाजे खोल दिए...
केरल बाढ़: पंडितों ने खोले मुसलमानों के लिए दरवाजे, मंदिर में पढ़ी गई नमाज, देखें वीडियो
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Updated Thu, 23 Aug 2018 05:58 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन