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मनुष्य नहीं ये थे दुनिया के पहले कलाकार, 64 हजार साल पहले यहां बनाई थी पेंटिंग
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Updated Sat, 24 Feb 2018 09:00 AM IST
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मनुष्य दुनिया के पहले कलाकार नहीं थे। मनुष्यों की उत्पत्ति के पहले जिनका अस्तित्व इस धरती पर रहा उनके बारे में आपको जानकारी नहीं होगी। इसके सबूत 64 हजार साल पुरानी पेंटिंग से मिलते हैं।
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जी हां, ये पेंटिंग बनाने वाले आदिमानव निएंडरथल ने कलाकारी सीख ली थी। हालिया शोध में यह दावा किया गया है। उन्होंने ही यह पेंटिंग बनाई थी। जर्नल साइंस में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक स्पेन की तीन गुफाओं में मिली कलाकृतियां 64 हजार साल से भी ज्यादा पुरानी हैं। ब्रिटेन की साउथंप्टन यूनिवर्सिटी के पुरातत्वविद क्रिस स्टैंडडिश ने कहा, हमारे शोध से पता चला है कि यह दुनिया की सबसे पुरानी गुफा कलाकृति है।
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आधुनिक मानव के यूरोप पहुंचने से बीस हजार साल पहले बन चुकी थी यह पेंटिंग
यह आधुनिक मानवों के यूरोप पहुंचने से भी करीब बीस हजार साल पहले की है। इससे साबित होता है कि इसे इंसानों ने नहीं, बल्कि उनके पूर्वज निएंडरथल ने बनाया था। यानी निएंडरथल हमारी सोच से कहीं ज्यादा विकसित थे।
यह आधुनिक मानवों के यूरोप पहुंचने से भी करीब बीस हजार साल पहले की है। इससे साबित होता है कि इसे इंसानों ने नहीं, बल्कि उनके पूर्वज निएंडरथल ने बनाया था। यानी निएंडरथल हमारी सोच से कहीं ज्यादा विकसित थे।
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जानवरों की तस्वीरें
हिम युग की इस गुफा कलाकृति में जानवर, डाट और ज्यामितीय संकेत बने हुए हैं। इससे यह भी संकेत मिलता है कि आदिमानव आधुनिक मानवों की तरह सांकेतिक रूप से सोचा करते थे।
हिम युग की इस गुफा कलाकृति में जानवर, डाट और ज्यामितीय संकेत बने हुए हैं। इससे यह भी संकेत मिलता है कि आदिमानव आधुनिक मानवों की तरह सांकेतिक रूप से सोचा करते थे।
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कौन थे निएंडरथल
यह होमो सैंपियंस यानी मनुष्य की एक प्रजाति थी जो विलुप्त हो चुकी है। जर्मनी के निअंडर में इनकी कुछ हड्डियां मिली हैं। इसलिए इन्हें निएंडरथल कहा जाता है। छोटे कद के ये आदिमानव 1.6 लाख साल पहले यूरोप, पश्चिम एशिया और अफ्रीका में पाए जाते थे। करीब 40 हजार साल पहले ये विलुप्त हो गए थे। माना जाता है कि आधुनिक मानवों ने ही इनका खात्मा कर दिया।
यह होमो सैंपियंस यानी मनुष्य की एक प्रजाति थी जो विलुप्त हो चुकी है। जर्मनी के निअंडर में इनकी कुछ हड्डियां मिली हैं। इसलिए इन्हें निएंडरथल कहा जाता है। छोटे कद के ये आदिमानव 1.6 लाख साल पहले यूरोप, पश्चिम एशिया और अफ्रीका में पाए जाते थे। करीब 40 हजार साल पहले ये विलुप्त हो गए थे। माना जाता है कि आधुनिक मानवों ने ही इनका खात्मा कर दिया।