सोशल मीडिया पर अमेरीका की एक बेहद दिलचस्प व दिल को छू लेने वाली कहानी और तस्वीर काफी वायरल हो रही है। एयरपोर्ट के वेटिंग हाल में खड़ी एक छोटी बच्ची की तस्वीर देख आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते कि उसके और उसके परिवार के साथ एयरपोर्ट पर क्या कुछ घट गया कि उसका पिता रोने लगा। यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अखबारों से लेकर न्यूज वेबसाइट्स पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
टिकट काउंटर पर मांग लिए गए 54000 हजार रुपए
दरअसल आपको बता दें कि नेब्रास्का स्टेट के ओमाहा शहर में एक शख्स अपनी 2 साल की बेटी को लेकर एयरपोर्ट पहुंचा लेकिन काउंटर पर जाते ही पता चला कि उसकी बेटी उसके साथ यात्रा नहीं कर सकती है। इतना सुनते ही वह शख्स घबरा गया। हुआ यूं था कि जब शख्स ने टिकट बुक कराया था तो उसकी बेटी की उम्र एक साल से कम थी पर जिस दिन उसे सफर करना था उस समय वह दो साल की हो गई थी। ऐसे में शख्स से चेकइन काउंटर पर कहा गया कि बेटी का टिकट लेना पड़ेगा। अब टिकट की कीमत जो 54000 रुपए थी सुनकर शख्स और परेशान हो गया। उसके पास इतने पैसे भी नहीं थे और अपनी बेटी को छोड़कर भी नहीं जा सकता था।
अनजान महिला ने बिना कुछ सोचे कर दी मदद
इसी दौरान वहां खड़ी एक अनजान महिला उस बच्ची के पिता और एजेंट की बातें सुन रही थी, तब यह महिला बच्ची के पिता के पास गई और उसे टिकट खरीदने का ऑफर दिया। यह कहकर वह टिकट काउंटर की ओर बढ़ गई और उसने एजेंट से कहा कि मैं उस शख्श की बेटी की टिकट खरीदने के पैसे दूंगी। ऐसा कहकर उसने एजेंट को अपना क्रेडिट कार्ड थमा दिया। यह सब देखकर बच्ची का पिता रोने लगा क्योंकि आज के जमाने में एक अनजान महिला इस तरह किसी की मदद नहीं करती है।
केविन लेस्ली नाम के शख्स ने शेयर की पूरी कहानी
4 of 5
Kevin Leslie
- फोटो : Facebook
इस सारे वाक्ये को पास ही खड़ा केविन लेस्ली नाम का एक शख्स देख रहा था। तब उसने इस महिला की उदारता को सभी लोगों को बताने का फैसला किया। इस शख्स ने महिला की फोटो खींचकर फेसबुक पर सारी कहानी पोस्ट कर दी, जो काफी वायरल हो रही है।
मदद करने वाली महिला की पहचान आई सामने
हालांकि अब इस महिला की पहचान भी उजागर हो गई है। यह महिला नॉवेक्स कंपनी की को-फाउंडर डेबी बॉल्टन थी। जब यह पोस्ट सोशल मीडिया पर इस महिला के साथी कर्मचारियों के पास पहुंची तो सभी ने महिला को इस बात के लिए धन्यवाद दिया और उसके नेक कार्य की तारीफ भी की। आपको बता दें कि इस पूरी कहानी पर जब हमने पड़ताल की तो पता चला कि मामला 2017 का है जो अचानक सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना है।