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क्यों 37 रुपये का पेट्रोल बिकता है 73 में, जानिए वायरल खबर का असली सच

Mon, 05 Feb 2018 09:22 AM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला Updated Mon, 05 Feb 2018 09:22 AM IST
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Why government is selling petrol too expensive here is calculation of it
petrol pump
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोत्तरी को लेकर आम आदमी परेशान है। लोगों को हमेशा उम्मीद रहती है कि आज पेट्रोल और डीजल के दाम कम हो जाए, लेकिन कीमतें घटने के बजाय बढ़ती जा रही हैं। इन दिनों सोशल मीडिया पर इसे लेकर एक मैसेज काफी वायरल हो रहा है। इस मैसेज में दावा किया जा रहा है कि बाजार में बिकने वाला पेट्रोल जिसकी कीमत दिल्ली में 73 रुपये 10 पैसे है उसकी असल कीमत 37 रुपये है।  अपने दावे को सही साबित करने के लिए इस वायरल मैसेज में जो प्रमाण दिए है वो चौंकाने वाले हैं। 
Why government is selling petrol too expensive here is calculation of it
पेट्रोल पंपों पर ताबड़तोड़ छापे - फोटो : अमर उजाला
इस मैसेज में सबसे पहले लिखा है कि देश में पेट्रोल की कीमत कैसे तय होती है इसकी पूरी प्रक्रिया इस प्रकार है। प्रक्रिया में सबसे पहले बताया है कि कच्चे तेल की मौजूदा कीमत 50 डॉलर प्रति बैरल है। इस मैसेज के मुताबिक एक डॉलर 63 रूपये का है। एक बैरल में 159 लीटर कच्चा तेल होता है। इस हिसाब से भारत ने 159 लीटर कच्चा तेल 3150 रुपये में खरीदा और एक लीटर कच्चे तेल की कीमत हुई 19 रुपये 80 पैसे। एक लीटर कच्चे तेल में 0.96 लीटर पेट्रोल बनता है, इस हिसाब से 19 रुपए  80 पैसे में से सिर्फ 19 रुपए बचते हैं। 
Why government is selling petrol too expensive here is calculation of it
Petrol Pump
वायरल मैसेज में आगे है कि कच्चे तेल में एक लीटर पेट्रोल बनाने की फिक्सड कीमत होती है 6 रुपए जिसमें ढुलाई की लागत भी शामिल है। अब हमने 19 रुपए में 6 रुपये ढुलाई के जोड़े तो 1 लीटर पेट्रोल की कीमत 25 रुपये हो जाती है। इस पर केंद्र सरकार 25 फीसदी टैक्स लगाती है। टैक्स लगने के बाद 1 लीटर पेट्रोल की कीमत हो जाती है 31 रुपये। मैसेज के मुताबिक इसके बाद राज्य सरकार पेट्रोल पर 15 फीसदी वैट यानि वैल्यू एडड टैक्स लगाती है। 5 रुपये वैट जोड़कर पैट्रोल की कीमत हो जाती है 36 रुपये। आखिर में लिखा है पेट्रेल पंप डीलरों को 1 लीटर पेट्रेल पर 90 पैसे कमीशन दिया जाता है, जिसे जोड़कर  1 लीटर पेट्रेल की कीमत होती है 37 रुपये, लेकिन जनता को पेट्रोल मिलता है 73 रुपये प्रति लीटर।
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petrol pump
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस मैसेज को जिन आंकड़ों के साथ पेश कर दावा किया गया है क्या यह हिसाब उतना ही सटीक है। पेट्रोल और डीजल का मामला ही इतना संवेदनशील है कि लोग भी इस जानकारी को सच मान रहे हैं। चलिए हम आपको बताते हैं इसका पूरा सच। ऑयल कंपनियां रिफाइनरियों से 26 रुपए 57 पैसे प्रति लीटर में कच्चा तेल खरीदती हैं। रिफाइनरी तक पहुंचने और तेल के रिफाइन होने के बाद 1 लीटर पेट्रोल की कीमत 31.44 होती है। इसके बाद रिफाइनरी से डीलर तक पहुंचने में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 34 रुपए 49 पैसे प्रति लीटर हो जाती है। इसके बाद 19.48 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी वसूलती है। पेट्रोल कीमतें बढ़कर 53.97 रुपए हो जाती है। 
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petrol pump
इसके बाद पेट्रोल पर 3 रुपए 59 पैसे प्रति लीटर के हिसाब से डीलर कमीशन होता है और पेट्रोल की कीमत बढ़कर 57.56 रुपए हो जाती है। फिर पेट्रोल पर 15 रुपए 54 पैसे प्रति लीटर के हिसाब से राज्य सरकारों द्वारा अतिरिक्त वैट वसूला जाता है। टैक्स के साथ पेट्रोल की कीमत बढ़कर 73 रुपए 10 पैसे हो जाती है। हर राज्य का वैट अलग होता है इसलिए हर राज्य में पेट्रोल का दाम भी अलग है। वायरल मैसेज में तमाम टैक्स के बाद पेट्रोल की कीमत 37 बताई गई है जबकि सच यह है कि तमाम तरह के टैक्स और कमीशन के बाद ही इसकी कीमत इतनी होती है।
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