{"_id":"5b934923867a557fe4468a34","slug":"the-fearless-female-driver-of-himachal-pradesh-transport","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"इस मौत के रास्ते पर चलने से कांप उठती है रूह, फिर भी ये लड़की रोजाना बेधड़क गुजरती है यहां से","category":{"title":"Weird Stories","title_hn":"अजब गजब","slug":"weird-stories"}}
इस मौत के रास्ते पर चलने से कांप उठती है रूह, फिर भी ये लड़की रोजाना बेधड़क गुजरती है यहां से
फीचर टीम, अमर उजाला
Updated Sat, 08 Sep 2018 11:19 AM IST
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कई रास्ते ऐसे होते हैं जिन पर चलना मौत को गले लगाने के बराबर है। मगर इस लड़की को देखिए इसे मौत के रास्तों से बिलकुल डर नहीं लगता। जी हां, जिन रास्तों पर चलने के नाम से लोगों की रूह कांप उठती है, वहीं ये लड़की बेधड़क दिन हो या रात यहां से गुजरती है। ये एक ऐसी निडर लड़की की कहानी है जो आज समाज के लिए मिसाल बन चुकी है।
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जी हां, जब इस लड़की ने पहली बार स्टेरियंग संभाला तो लोग बातें बनाने लगे लेकिन इसने अपने दिल की ही की। इसके बाद ये बन गई दुनिया की सबसे खतरनाक सड़कों की रानी। यहां बड़े-बड़े चालकों को पसीना ऐसे बहता है जैसे मानो पानी। जी हां, ये जगह है हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में... पूनम नेगी नामक इस असाधारण लड़की के लिए इन रास्तों से गुजरना रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है। वह बड़े ही आराम से इन खतरनाक सड़कों पर छोटी से लेकर बड़ी गाड़ी तक सब कुछ चला लेती हैं।
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आम तौर पर आपने पुरूषों को ट्रक और बस चलाते हुए देखा होगा लेकिन 25 साल की पूनम 60 से 70 की स्पीड में आराम से ट्रक दौड़ा लेती हैं वो भी उन रास्तों पर जहां जान जोखिम में रहती है। जी हां, ये हैं किन्नौर की सड़कें। किन्नौर में सड़क पर चलते समय बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है। देवभूमि की पूनम नेगी देश की उन चुनिंदा लड़कियों में से एक है जो हैवी व्हिकल चलाती हैं। जब कभी कोई पूनम का मजाक उड़ाता है तो वह उन लोगों के सामने ट्रक लेकर गुजरती हैं।ऐसा करने पर खुद-ब-खुद उन लोगों के मुंह बंद हो जाते हैं।
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मीडिया रिपोर्टों की मानें तो पूनम ने रामपुर से 144 किलोमीटर दूर रारंग गांव तक लोडेड ट्रक चलाया है। इस ट्रक में भवन निर्माण की कई टन सामग्री भी सही सलामत पहुंचाई जाती रही है। उसने महज 6 घंटे में इस सफर को पूरा किया है।
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पूनम इसका श्रेय अपने परिवार को देती है। वो कहती है कि उसकी असल ताकत उनके परिवार में बसती है। परिवार का हरएक सदस्य उन्हें हमेशा प्रोत्साहित करता हैं और निडर होकर ऐसे ही काम करने को कहता है। इसी का नतीजा हुआ कि पूनम ने बाकायदा हिमाचल परिवाहन निगम से ट्रेनिंग ली और अब उन्हीं पहाड़ों की उंचाई और खतरनाक रास्तों पर बस दौड़ाती है।