फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

भारत में समलैंगिकता पर सुप्रीम मुहर, इन देशों में गे और लेस्बियन होना आज भी है 'घोर अपराध'

Thu, 06 Sep 2018 12:39 PM IST
फीचर टीम, अमर उजाला
फीचर टीम, अमर उजाला Updated Thu, 06 Sep 2018 12:39 PM IST
विज्ञापन
Supreme court decriminalises homosexuality and lgbt
A
समलैंगिकता अपराध है या नहीं? लंबे समय से इस पर बहस चली आ रही थी। सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच ने आज इसे अपराध की श्रेणी से बाहर करते हुए कहा समलैंगिकता अपराध नहीं। हर किसी को बराबर रूप से जीने का अधिकार है। 


कोर्ट ने समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें भारत में समलैंगिकता को अपराध आईपीसी की धारा 377 के तहत अपराध माना जाता था जिसकी वैधानिकता को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने गुरुवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि देश में सबको समानता का अधिकार मिला है। समाज की सोच बदलने की जरूरत है। ऐसे में कोई भी व्यक्ति अपने अधिकारों से वंचित नहीं रह सकता। समाज में हर किसी को जीने का अधिकार है। कोर्ट ने यह भी कहा कि पुरानी सोच को बदलने की जरूरत है।

वहीं उच्चतम न्यायालय ने कहा कि पशुओं और बच्चों के साथ अप्राकृतिक यौन क्रिया से संबंधित धारा 377 का हिस्सा पूर्ववर्त लागू रहेगा। उच्चतम न्यायालय के अनुसार पशुओं के साथ किसी तरह की यौन क्रिया भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के तहत दंडनीय अपराध बनी रहेगी।
Supreme court decriminalises homosexuality and lgbt
homosexuality
दुनिया भर में लाखों लोग उन देशों में रह रहे हैं, जहां समलैंगिकता को गैरकानूनी अपराध माना जाता है। पांच देशों और दो अन्य देशों के कुछ हिस्सों में समलैंगिकता ऐसा अपराध है जिसमें मौत की सजा तक का प्रावधान दिया गया है, जबकि 70 देश ऐसे हैं जहां समलैंगिक लोगों को जेल में डाल दिया जाता है।

जहां समलैंगिकता कानूनी तौर पर मान्य है, उनमें भी कई देशों में इन लोगों के साथ भेदभाव किया जाता है। मसलन, असमान उम्र के दो शख्स में आपसी सहमति से समलैंगिक नहीं हो सकते या फिर दोनों आपस में शादी नहीं कर सकते। रूस में साल 2013 में 18 साल से कम उम्र में समलैंगिक संबंध बनाने पर पाबंदी लगा दी गई थी। ऐसे ही दुनिया में कई ऐसे देश हैं जहां समलैंगिकता को गैरकानूनी करार दिया गया है? लेकिन इन देशों के बारे में आप शायद ही जानते होंगे कि किन-किन देशों में समलैंगिक विवाह को मंजूरी है? 

 
Supreme court decriminalises homosexuality and lgbt
d
मौत की सजा का प्रावधान
समलैंगिक विरोधी और समलैंगिक समर्थक देशों में किसी भी शख्स के समलैंगिक संबंध की कानूनी मान्यता है या नहीं, यह काफी हद तक इस बार पर निर्भर करता है कि वह कहां रह रहे हैं? दुनिया में कुछ ऐसे देश हैं जहां समलैंगिक संबंधों में मौत की सजा का प्रावधान है। जी हां, ईरान, मारुतानिया, सऊदी अरब, सूडान और यमन ऐसा देश हैं जहां इस सजा का प्रावधान दिया गया है। वहीं नाइजीरिया और सोमालिया के कुछ हिस्सों में भी इसी ऐसी ही सजा दी जाती है।

वहीं दुनिया के कुछ देशों में समलैंगिक लोगों को आम लोगों की तरह शादी करने का अधिकार है। लेकिन समलैंगिकता के समर्थक और विरोधी देशों का वर्गीकरण इतना आसान भी नहीं है। कुछ देशों में समलैंगिक संबंधों को लेकर बेहद जटिल कानूनी प्रावधान है। कई देशों में एक साथ इन संबंधों में सजा और संरक्षण दोनों का प्रावधान है जबकि कई देशों के अलग अलग हिस्सों में अलग अलग प्रावधान मौजूद है। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन
Supreme court decriminalises homosexuality and lgbt
d
समलैंगिकता कानून
बीते 200 साल के दौरान दुनिया भर के देशो में समलैंगिकता को अपराध के दायरे से बाहर किया गया है। 1789 की फ्रांसीसी क्रांति के बाद समलैंगिकों की स्थिति में सुधार आया है। हालांकि कुछ देश विपरीत दिशा में बढ़ रहे हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दुनिया के 72 देशों में समलैंगिक संबंध अब भी अपराध माने जाते हैं। इतना ही नहीं अब भी कई देश ऐसे हैं जहां इस अपराध के लिए सीधे मौत की सजा है। इनमें ईरान, सूडान, यमन, सऊदी अरब और सोमालिया जैसे देशों में इसके लिए मौत की सजा है।

इन देशों में सिविल कोड के तहत मौत की सजा...
विज्ञापन
Supreme court decriminalises homosexuality and lgbt
d
ईरान
ईरान में 1970 तक समलैंगिकता को मान्यता मिली हुई थी, लेकिन 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद देश में सिविल कोड लागू कर दिया गया। इसके तहत समलैंगिकता अपराध की श्रेणी में आने लगा। इसके लिए मौत की सजा का भी प्रावधान है। सिविल कोड के आर्टिकल नंबर 108 से 140 तक में समलैंगिकों को दी जाने वाली सजा का जिक्र है। इसके तहत 18 साल से कम उम्र के युवाओं को मौत की सजा नहीं दी जी सकती।

 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed