{"_id":"5b90cd88867a55012c34fac5","slug":"supreme-court-decriminalises-homosexuality-and-lgbt","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"भारत में समलैंगिकता पर सुप्रीम मुहर, इन देशों में गे और लेस्बियन होना आज भी है 'घोर अपराध'","category":{"title":"Weird Stories","title_hn":"अजब गजब","slug":"weird-stories"}}
भारत में समलैंगिकता पर सुप्रीम मुहर, इन देशों में गे और लेस्बियन होना आज भी है 'घोर अपराध'
फीचर टीम, अमर उजाला
Updated Thu, 06 Sep 2018 12:39 PM IST
विज्ञापन
A
समलैंगिकता अपराध है या नहीं? लंबे समय से इस पर बहस चली आ रही थी। सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच ने आज इसे अपराध की श्रेणी से बाहर करते हुए कहा समलैंगिकता अपराध नहीं। हर किसी को बराबर रूप से जीने का अधिकार है।
homosexuality
दुनिया भर में लाखों लोग उन देशों में रह रहे हैं, जहां समलैंगिकता को गैरकानूनी अपराध माना जाता है। पांच देशों और दो अन्य देशों के कुछ हिस्सों में समलैंगिकता ऐसा अपराध है जिसमें मौत की सजा तक का प्रावधान दिया गया है, जबकि 70 देश ऐसे हैं जहां समलैंगिक लोगों को जेल में डाल दिया जाता है।
जहां समलैंगिकता कानूनी तौर पर मान्य है, उनमें भी कई देशों में इन लोगों के साथ भेदभाव किया जाता है। मसलन, असमान उम्र के दो शख्स में आपसी सहमति से समलैंगिक नहीं हो सकते या फिर दोनों आपस में शादी नहीं कर सकते। रूस में साल 2013 में 18 साल से कम उम्र में समलैंगिक संबंध बनाने पर पाबंदी लगा दी गई थी। ऐसे ही दुनिया में कई ऐसे देश हैं जहां समलैंगिकता को गैरकानूनी करार दिया गया है? लेकिन इन देशों के बारे में आप शायद ही जानते होंगे कि किन-किन देशों में समलैंगिक विवाह को मंजूरी है?
जहां समलैंगिकता कानूनी तौर पर मान्य है, उनमें भी कई देशों में इन लोगों के साथ भेदभाव किया जाता है। मसलन, असमान उम्र के दो शख्स में आपसी सहमति से समलैंगिक नहीं हो सकते या फिर दोनों आपस में शादी नहीं कर सकते। रूस में साल 2013 में 18 साल से कम उम्र में समलैंगिक संबंध बनाने पर पाबंदी लगा दी गई थी। ऐसे ही दुनिया में कई ऐसे देश हैं जहां समलैंगिकता को गैरकानूनी करार दिया गया है? लेकिन इन देशों के बारे में आप शायद ही जानते होंगे कि किन-किन देशों में समलैंगिक विवाह को मंजूरी है?
d
मौत की सजा का प्रावधान
समलैंगिक विरोधी और समलैंगिक समर्थक देशों में किसी भी शख्स के समलैंगिक संबंध की कानूनी मान्यता है या नहीं, यह काफी हद तक इस बार पर निर्भर करता है कि वह कहां रह रहे हैं? दुनिया में कुछ ऐसे देश हैं जहां समलैंगिक संबंधों में मौत की सजा का प्रावधान है। जी हां, ईरान, मारुतानिया, सऊदी अरब, सूडान और यमन ऐसा देश हैं जहां इस सजा का प्रावधान दिया गया है। वहीं नाइजीरिया और सोमालिया के कुछ हिस्सों में भी इसी ऐसी ही सजा दी जाती है।
वहीं दुनिया के कुछ देशों में समलैंगिक लोगों को आम लोगों की तरह शादी करने का अधिकार है। लेकिन समलैंगिकता के समर्थक और विरोधी देशों का वर्गीकरण इतना आसान भी नहीं है। कुछ देशों में समलैंगिक संबंधों को लेकर बेहद जटिल कानूनी प्रावधान है। कई देशों में एक साथ इन संबंधों में सजा और संरक्षण दोनों का प्रावधान है जबकि कई देशों के अलग अलग हिस्सों में अलग अलग प्रावधान मौजूद है।
समलैंगिक विरोधी और समलैंगिक समर्थक देशों में किसी भी शख्स के समलैंगिक संबंध की कानूनी मान्यता है या नहीं, यह काफी हद तक इस बार पर निर्भर करता है कि वह कहां रह रहे हैं? दुनिया में कुछ ऐसे देश हैं जहां समलैंगिक संबंधों में मौत की सजा का प्रावधान है। जी हां, ईरान, मारुतानिया, सऊदी अरब, सूडान और यमन ऐसा देश हैं जहां इस सजा का प्रावधान दिया गया है। वहीं नाइजीरिया और सोमालिया के कुछ हिस्सों में भी इसी ऐसी ही सजा दी जाती है।
वहीं दुनिया के कुछ देशों में समलैंगिक लोगों को आम लोगों की तरह शादी करने का अधिकार है। लेकिन समलैंगिकता के समर्थक और विरोधी देशों का वर्गीकरण इतना आसान भी नहीं है। कुछ देशों में समलैंगिक संबंधों को लेकर बेहद जटिल कानूनी प्रावधान है। कई देशों में एक साथ इन संबंधों में सजा और संरक्षण दोनों का प्रावधान है जबकि कई देशों के अलग अलग हिस्सों में अलग अलग प्रावधान मौजूद है।
विज्ञापन
विज्ञापन
d
समलैंगिकता कानून
बीते 200 साल के दौरान दुनिया भर के देशो में समलैंगिकता को अपराध के दायरे से बाहर किया गया है। 1789 की फ्रांसीसी क्रांति के बाद समलैंगिकों की स्थिति में सुधार आया है। हालांकि कुछ देश विपरीत दिशा में बढ़ रहे हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दुनिया के 72 देशों में समलैंगिक संबंध अब भी अपराध माने जाते हैं। इतना ही नहीं अब भी कई देश ऐसे हैं जहां इस अपराध के लिए सीधे मौत की सजा है। इनमें ईरान, सूडान, यमन, सऊदी अरब और सोमालिया जैसे देशों में इसके लिए मौत की सजा है।
इन देशों में सिविल कोड के तहत मौत की सजा...
बीते 200 साल के दौरान दुनिया भर के देशो में समलैंगिकता को अपराध के दायरे से बाहर किया गया है। 1789 की फ्रांसीसी क्रांति के बाद समलैंगिकों की स्थिति में सुधार आया है। हालांकि कुछ देश विपरीत दिशा में बढ़ रहे हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दुनिया के 72 देशों में समलैंगिक संबंध अब भी अपराध माने जाते हैं। इतना ही नहीं अब भी कई देश ऐसे हैं जहां इस अपराध के लिए सीधे मौत की सजा है। इनमें ईरान, सूडान, यमन, सऊदी अरब और सोमालिया जैसे देशों में इसके लिए मौत की सजा है।
इन देशों में सिविल कोड के तहत मौत की सजा...
विज्ञापन
d
ईरान
ईरान में 1970 तक समलैंगिकता को मान्यता मिली हुई थी, लेकिन 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद देश में सिविल कोड लागू कर दिया गया। इसके तहत समलैंगिकता अपराध की श्रेणी में आने लगा। इसके लिए मौत की सजा का भी प्रावधान है। सिविल कोड के आर्टिकल नंबर 108 से 140 तक में समलैंगिकों को दी जाने वाली सजा का जिक्र है। इसके तहत 18 साल से कम उम्र के युवाओं को मौत की सजा नहीं दी जी सकती।
ईरान में 1970 तक समलैंगिकता को मान्यता मिली हुई थी, लेकिन 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद देश में सिविल कोड लागू कर दिया गया। इसके तहत समलैंगिकता अपराध की श्रेणी में आने लगा। इसके लिए मौत की सजा का भी प्रावधान है। सिविल कोड के आर्टिकल नंबर 108 से 140 तक में समलैंगिकों को दी जाने वाली सजा का जिक्र है। इसके तहत 18 साल से कम उम्र के युवाओं को मौत की सजा नहीं दी जी सकती।