सोशल मीडिया पर हाल ही में एक खबर ने तहलका मचा रखा है। दरअसल साउथ ईस्ट एशिया में सबसे छोटे बच्चे ने जन्म लिया है। खबर है कि हैदराबाद के रेनबो हॉस्पिटल में एक छोटी बच्ची का जन्म हुआ जिसका वजन मात्र 375 ग्राम है। खुद डॉक्टर भी हैरान हैं कि इतने कम वजन की बच्ची कैसे पैदा हुई और उसकी जान कैसे बच गई।
सबसे छोटा बच्चा जन्मा, वजन आधा किलो से भी कम, पैदा होते ही डॉक्टर भी हुए दंग
छत्तीसगढ़ के रहने वाले निकिता और सौरव के यहां इस बच्ची ने जन्म लिया है। फिलहाल मां निकिता और बेटी चेरी बिल्कुल ठीक हैं। वहीं पिता सौरव भी अपनी नन्ही परी को देखकर पहुत खुश हैं। रेनबो ग्रुप हॉस्पिटल्स के चेयरमेन और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉक्टर रमेश कंचारला ने कहा कि इस प्रीमैच्योर बेबी गर्ल का जन्म सिर्फ 25 हफ्तों के अंदर हो गया है।
Welcome this adorable little baby. Proud and emotional day for #RainbowHospitals #SmallestBabyBorn pic.twitter.com/BakQtzVfAM
डॉक्टर रमेश कंचारला ने बताया कि इस बच्ची का जन्म तय समय से 4 महीने पहले ही हो गया है। यह बच्ची लंबाई में 20 सेंटीमीटर की है जो कि एक हाथ में समा जाती है। सबसे पहले तो डिलीवरी के वक्त डॉक्टर खुद इस बच्ची को देखकर हैरान रह गए थे। बाद में जब इसकी हालत सुधर गई तो उन्हें भी चैन मिला। फिलहाल बच्ची एकदम ठीक है।
आपको बता दें कि इससे पहले मुंबई में भारत का सबसे छोटा बच्चा पैदा हुआ था। इस नवजात का नाम निर्वाण है। मुंबई के सूर्य अस्पताल में निर्वाण का जन्म 5 महीने में ही हो गया था। यह मां के गर्भ में आने के 22 सप्ताह बाद ही 12 मई, 2017 को पैदा हो गया था। जन्म के समय निर्वाण का वजन 610 ग्राम था।