मकान का साइज बड़ा होता है तो मोहल्ले में इज्जत का साइज भी बड़ा हो जाता है। इज्जत देने का यह पैमाना शहरों के बढ़ते आकार और मकानों के छोटे होते साइज के साथ बदलता जाता है। मिसाल के तौर पर दिल्ली के 2 बीएचके मकान की वैल्यू, गांव के तीन तल्ला मकान से ज्यादा होती है। बड़े शहरों में लोग छोटे-छोटे घरों में एडजस्ट कर लेते हैं लेकिन ये ही लोग जब गांव में दूर तक फैली हुई खुली जमीन देखते हैं तो इसके एक टुकड़े के लिए सिर फुटव्वल कर लेते हैं।
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दुनिया के सबसे महंगे शहर में कुछ इस तरह रहते हैं लोग, कब्र से भी छोटी जगह में बने हैं घर
फीचर डिस्क, अमर उजाला
Updated Sat, 22 Sep 2018 12:48 PM IST
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Hong Kong Life Style
Hong Kong Life Style
सब कुछ एक ही बेड पर
यह जगह हॉन्ग-कॉन्ग में है। और इन घरों को कॉफिन होम कहा जाता है। यहां कॉलगेट, कैलेण्डर, पानी, कलम और आप खुद सब कुछ एक ही बेड पर है।आपको पूरे पैर फैलाने तक की जगह नहीं है।
यह जगह हॉन्ग-कॉन्ग में है। और इन घरों को कॉफिन होम कहा जाता है। यहां कॉलगेट, कैलेण्डर, पानी, कलम और आप खुद सब कुछ एक ही बेड पर है।आपको पूरे पैर फैलाने तक की जगह नहीं है।
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एक ही हैं बाथरूम और किचन
जहां आपका किचन है वहीं आपका बाथरूम भी है, ये बात सोचने में ही कितनी अजीब है लेकिन यहां लोगों की ऐसी मजबूरी है।
जहां आपका किचन है वहीं आपका बाथरूम भी है, ये बात सोचने में ही कितनी अजीब है लेकिन यहां लोगों की ऐसी मजबूरी है।
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यहां इन्सान रहते हैं या पक्षी और मुर्गी
इस तस्वीर में दिखाई देने वाले पिंजरों में अक्सर मुर्गी या पक्षियों को रखा जाता है लेकिन यहां इंसान भी इसी पिंजरे में रहने को मजबूर है।
इस तस्वीर में दिखाई देने वाले पिंजरों में अक्सर मुर्गी या पक्षियों को रखा जाता है लेकिन यहां इंसान भी इसी पिंजरे में रहने को मजबूर है।
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इसी मजबूरी में बच्चे भी पढ़ते हैं
बच्चे भी यहां उन्हीं परिस्थितियों में पढाई कर रहे हैं, वह शायद इस उम्मीद से पढ़ रहे हैं कि अपने भविष्य को इन कॉफिन से निकाल सकें।
बच्चे भी यहां उन्हीं परिस्थितियों में पढाई कर रहे हैं, वह शायद इस उम्मीद से पढ़ रहे हैं कि अपने भविष्य को इन कॉफिन से निकाल सकें।