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रोजेदार ने तोड़ दिया अपना रोजा, एक हिंदू की जान बचाने के लिए किया ऐसा...

Thu, 24 May 2018 08:07 AM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला Updated Thu, 24 May 2018 08:07 AM IST
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Roza broke in ramzan to save a life
roza
यह रमजान का पाक महीना है। इस समय दुनियाभर में मुस्लिम रोजा रखते हैं। इसके लिए उन्हें सूरज डूबने तक खाना-पीना नहीं होता। रोजे में उनकी पवित्र आस्था रहती है जिसे वह किसी भी हाल में डिगने नहीं देते। तभी तो इतनी भीषण गर्भी में वह पानी की एक बूंद तक नहीं पीते। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी स्टोरी बताएंगे जिसमें एक रोजेदार को अपना रोजा तोड़ना पड़ गया। हालांकि इसके पीछे एक खास वजह रही है। इसे जानकर आपका दिल भी इसे सलाम करने को चाहेगा। 
Roza broke in ramzan to save a life
ramjan - फोटो : ramjan
मामला उत्तराखंड की राजधानी देहरादून का है। यहां एक मुस्लिम शख्स ने अपना रोजा तोड़कर एक हिंदू युवक की जान बचाई। मीडिया रिपोर्टों की मानें तो 20 साल के अजय बिजल्वाण की तबियत बेहद खराब हो गई थी, अजय के लीवर में इंफेक्शन हो गया था। जिसके बाद उसे सीधे आईसीयू में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने कहा कि अजय को खून की सख्त जरूरत है, क्योंकि लीवर में इंफेक्शन की वजह से उसके खून में प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से घट रही है।

 
Roza broke in ramzan to save a life
namaz - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
अजय की हालत इतनी सीरियस हो गई कि डॉक्टरों ने जितना जल्दी हो सके उतन जल्द खून की व्यस्था करने को कहा। चंद पल बीते थे कि डॉक्टरों ने कहा कि उसकी जान कभी भी जा सकती है। लेकिन सबसे बड़ी समस्या ये थी कि अजय को A+ खून चाहिए था, जो काफी कोशिशों के बावजूद भी नहीं मिल रहा था। बेटे की ऐसी हालत देखकर उसके पिता काफी परेशान हो रहे थे। काफी कोशिशों के बाद भी जब A+ खून का इंतजाम नहीं हो पाया तो किसी शख्स ने अजय के पिता को सोशल मीडिया पर मदद मांगने के लिए बताया। और फिर...
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Roza broke in ramzan to save a life
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पिता ने यही सही समझा। उन्होंने फौरन सोशल मीडिया पर मदद के लिए एक पोस्ट डाल दिया। इसके साथ ही उन्होंने इस पोस्ट को वॉट्सएप पर भी शेयर किया। अजय के पिता का यह पोस्ट आरिफ खान नाम के शख्स को वॉट्सएप पर मिल गई। आरिफ 'नेशनल असोसिएशन फॉर पेरेंट्स एंड स्टूडेंट्स राइट्स' नाम की एक संस्था के अध्यक्ष हैं। आरिफ ने तुरंत अजय के पिता को फोन किया, क्योंकि अजय के पिता ने पोस्ट में अपना फोन नंबर भी लिखा था। अजय के पिता से बात करते हुए आरिफ ने कहा कि वे खून देने के लिए तैयार हैं।
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Roza broke in ramzan to save a life
रोजा इफ्तार करता मुस्लिम समाज - फोटो : Getty
अस्पताल का ऐडरेस लेकर आरिफ तुरंत वहां पहुंच गए। डॉक्टरों ने कहा कि खून देने से पहले उन्हें कुछ खाना पड़ेगा, क्योंकि ये बहुत जरूरी होता है, लेकिन आरिफ का रोजा चल रहा था, तो उन्होंने बिना कुछ खाए-पिए खून देने के लिए रिक्वेस्ट किया, लेकिन डॉक्टरों ने आरिफ को बिना कुछ खाए-पिए खून देने की परमिशन नहीं दी। इसके बाद आरिफ ने धर्म से आगे बढ़कर इंसानियत के लिए काम करना बेहतर समझा। आरिफ ने डॉक्टरों द्वारा दिया गया हल्का-फुल्का खा-पी लिया। इसके बाद ब्लड डोनेशन की प्रक्रिया शुरू हुई।
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