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दुनिया के सबसे ताकतवर इंसान पुतिन को रमजान से लगता है डर, कहानी जान सहम जाएंगे आप
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Updated Wed, 23 May 2018 10:32 AM IST
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putin
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इस बारे में आप शायद ही जानते हो कि दुनिया का सबसे ताकतवर इंसान रमजान से खौफ खाता है। सुनकर अजीब लगा न... ये बात सच है कि आज पुतिन के सबसे बड़े डर की वजह रमजान ही है। चलिए बताते हैं रमजान से पुतिन के खौफ की असली कहानी...
ramzan kadyrov
कौन है ये रमजान
39 साल का आदमी रमजान रशियन रिपब्लिक ऑफ चेचेन्या का नेता है। यह कभी पुतिन का ही प्यादा हुआ करता था लेकिन आज उसी का जानी दुश्मन बन गया है। पुतिन के ही तिकड़म से वह चेचेन्या का किंग बना। शुरूआत में उसने पुतिन की खूब सेवा की लेकिन बदले में वह उससे पैसे लेता था।
39 साल का आदमी रमजान रशियन रिपब्लिक ऑफ चेचेन्या का नेता है। यह कभी पुतिन का ही प्यादा हुआ करता था लेकिन आज उसी का जानी दुश्मन बन गया है। पुतिन के ही तिकड़म से वह चेचेन्या का किंग बना। शुरूआत में उसने पुतिन की खूब सेवा की लेकिन बदले में वह उससे पैसे लेता था।
russia chechnya fight
चेचेन्या की कहानी
रूस के साउथ बॉर्डर पर एक छोटी सी जगह है चेचेन्या। सोवियत यूनियन ने 19वीं सदी में इसे जीत लिया था और इसका विलय रूस में कर लिया था। लेकिन तब से लेकर आज तक यह रूस के लिए घाटे का सौदा ही साबित हुआ। हर समय चेचेन्या रूस के लिए समस्या खड़ी करता रहा है। दरअसल, यूक्रेन के रूस से अलग होने के लिए किए गए विद्रोह के बाद से चेचेन लोग भी रूस से आजादी के लिए लड़ने-झगड़ने लगे। 1991 में जब सोवियत यूनियन टूटा तो चेचेन्या ने खुद को आजाद घोषित कर दिया लेकिन रूस को ये नागवारा गुजरा। रूस ने 1994 में चेचन्या पर हमला कर दिया। दोनों के बीच 1996 तक भीषण लड़ाई चली, लेकिन कुछ समय बाद ही रूस को इस लड़ाई से पैर पीछे खींचने पड़े। 1999 में फिर दूसरी लड़ाई हुई। इस बार रशियन आर्मी ने चेचेन्या में कहर ढा दिया। चेचेन्या ने घुटने टेकने को मजबूर हो गया। इसलिए कुछ वक्त के लिए सब ठहर गया। माहौल ऐसा हो गया जैसे तूफान आने से पहले की खामोशी हो।
रूस के साउथ बॉर्डर पर एक छोटी सी जगह है चेचेन्या। सोवियत यूनियन ने 19वीं सदी में इसे जीत लिया था और इसका विलय रूस में कर लिया था। लेकिन तब से लेकर आज तक यह रूस के लिए घाटे का सौदा ही साबित हुआ। हर समय चेचेन्या रूस के लिए समस्या खड़ी करता रहा है। दरअसल, यूक्रेन के रूस से अलग होने के लिए किए गए विद्रोह के बाद से चेचेन लोग भी रूस से आजादी के लिए लड़ने-झगड़ने लगे। 1991 में जब सोवियत यूनियन टूटा तो चेचेन्या ने खुद को आजाद घोषित कर दिया लेकिन रूस को ये नागवारा गुजरा। रूस ने 1994 में चेचन्या पर हमला कर दिया। दोनों के बीच 1996 तक भीषण लड़ाई चली, लेकिन कुछ समय बाद ही रूस को इस लड़ाई से पैर पीछे खींचने पड़े। 1999 में फिर दूसरी लड़ाई हुई। इस बार रशियन आर्मी ने चेचेन्या में कहर ढा दिया। चेचेन्या ने घुटने टेकने को मजबूर हो गया। इसलिए कुछ वक्त के लिए सब ठहर गया। माहौल ऐसा हो गया जैसे तूफान आने से पहले की खामोशी हो।
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putin with ramzan
पुतिन का पालतू रमजान कादिरोव
अब चेचन्या के भीतर ही भीतर बदले की एक आग धधकने लगी। नतीजा कुछ समय बाद सामने आया जब वहां आतंकवाद का ज्वालामुखी फटा। रूस को शुरूआत में समझ में नहीं आया कि इस नौबत से कैसे निपटा जाए। जब रूस का जोर नहीं चला तो इससे निपटने के लिए रूस ने वही खेल खेला जो हर देश खेलता है। पैसे और पावर का लालच दिखा के विद्रोहियों को तोड़ दिया गया। अखमद कादिरोव अपने साथी विद्रोहियों को छोड़कर रूस के साथ आ गया, लेकिन किस्मत ने ज्यादा दिन तक साथ नहीं दिया। 2004 में वह अपने पुराने साथियों के हाथों ही मारा गया। इसके बाद उसका बेटा रमजान कादिरोव वहां का प्रधानमंत्री बना जो चेचेन्या में पुतिन का खास आदमी था।
अब चेचन्या के भीतर ही भीतर बदले की एक आग धधकने लगी। नतीजा कुछ समय बाद सामने आया जब वहां आतंकवाद का ज्वालामुखी फटा। रूस को शुरूआत में समझ में नहीं आया कि इस नौबत से कैसे निपटा जाए। जब रूस का जोर नहीं चला तो इससे निपटने के लिए रूस ने वही खेल खेला जो हर देश खेलता है। पैसे और पावर का लालच दिखा के विद्रोहियों को तोड़ दिया गया। अखमद कादिरोव अपने साथी विद्रोहियों को छोड़कर रूस के साथ आ गया, लेकिन किस्मत ने ज्यादा दिन तक साथ नहीं दिया। 2004 में वह अपने पुराने साथियों के हाथों ही मारा गया। इसके बाद उसका बेटा रमजान कादिरोव वहां का प्रधानमंत्री बना जो चेचेन्या में पुतिन का खास आदमी था।
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putin with ramzan
कमाल देखो, जहां हमेशा रूस से अलग होने के नारे लगाए जाते थे, वहां रमजान ने कुछ ही समय में रूस की सत्ता फैला दी। रूस की चिंता अब कुछ कम हो गई। चेचेन्या को भी फायदा होने लगा था। वहां का 80% बजट रूस से फाइनेंस होने लगा। बड़ी-बड़ी बिल्डिंगें आ गई। चेचन्या की तस्वीर बदल गई। देखते ही देखते रमजान एक धनी आदमी बन गया। आज वह Lamborghini से चलता है।