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कुछ यूं लड़का बनने को मजबूर हैं अफगानिस्तान की लड़कियां, दर्दभरी है इनकी कहानी
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Updated Wed, 25 Apr 2018 08:15 AM IST
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Bacha Posh
आज हम आपको अफगानिस्तान के एक ऐसे समुदाय के बारे में बताएंगे जिसकी लड़कियों को लड़का बनकर रहने को मजबूर किया जाता है। अगर आप इसकी पीछे छुपी वजह जान लेंगे तो जरूर चौंक जाएंगे। तो चलिए बताते हैं इसी समुदाय की एक लड़की की कहानी...
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दूसरी लड़कियों की तरह सितारा वफादार की चाहत है कि उसके बाल लंबे हों। पर अफगानिस्तान की यह किशोरी एक दशक से भी ज्यादा वक्त से लड़के की तरह जिंदगी गुजार रही है। माता-पिता ने सितारा को अपना ‘बेटा’ बना लिया है क्योंकि उनका कोई लड़का नहीं है। सिर्फ पांच लड़कियां हैं। लेकिन ऐसा क्यों..? आखिर सितारा को इस तरह क्यों रहना पड़ता है..?
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दरअसल, सितारा लिंग बदलकर जीने वाली उस परंपरा का हिस्सा बन गई है, जिसे अफगानिस्तान के दारी में 'बच्चा पोशी' के नाम से जाना जाता है। इसमें लड़की को लड़के के कपड़े पहनकर वह सारी जिम्मेदारियां निभानी पड़ती है जो इस पितृ सत्तात्मक देश में बेटा निभाता है। 18 साल की सितारा अफगानिस्तान के पूर्वी राज्य नांगरहार के एक गांव में कच्चे मकान में रहती है। वह हमेशा दूसरे अफगानी पुरुषों की तरह ढीली-ढाली शर्ट, पैंट व चप्पल पहनती है। छोटे भूरे बालों को ढंकने के लिए सिर पर स्कार्फ बांधती है और अपनी आवाज भारी कर बात करती है ताकि कोई पहचान न जाए कि वह लड़की है। सितारा ने कहा, वह कभी नहीं सोचती है कि वह लड़की है।
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हफ्ते में छह दिन वह ईंट की फैक्टरी में जाकर अपने पिता के साथ काम करती है ताकि उसके परिवार का पालन-पोषण हो सके और डायबिटीज की मरीज उसकी मां के इलाज के लिए लिया गया 25 हजार अफगानी मुद्रा का कर्ज चुकाया जा सके। वह पिता के साथ गांव वालों के अंतिम संस्कार में भी शामिल होती है जो एक लड़की कभी नहीं करती है।
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अफगानिस्तान में जिन परिवारों में लड़के नहीं होते वे अपनी लड़कियों को यूं ही लड़का बनने को मजबूर कर देते हैं। सितार कहती हैं कि काश, उसका भाई होता तो वह लड़कियों की तरह रहती और आजाद जिंदगी जीती। पर वह यह सब कर रही हैं कि उनकी छोटी बहनों को लड़कों की तरह न रहना पड़े। सितारा को यह भी डर लगा रहा है कि कहीं किसी को पता चल गया कि वह लड़की हैं, तो उनका अपहरण भी हो सकता है।