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पेट्रोल से नहीं यहां कॉफी से चलती हैं बस, मजाक न समझें
amarujala.com, Presented by: राजेश सैनी
Updated Sun, 10 Dec 2017 10:08 AM IST
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coffee as fuel
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आप भले ही इसे मजाक समझें लेकिन ऐसा सचमुच हो रहा है। लंदन की सड़कों पर चलने वाली बसें पेट्रोल नहीं बल्कि कॉफी पीकर चल रही हैं। सुनकर धक्का लगा ना... आगे जानिए कैसे हुआ ये करिश्मा...
coffee as fuel use in bus
यहां बस भी पीने लगी कॉफी
यह करिश्मा कर दिखाया है ब्रिटेन की तकनीकी कंपनी बायो-बीन ने। इन्होंने कॉफी के कचरे से ऐसा तेल बनाया है जो पेट्रोल के विकल्प का काम कर सकता है। कहने का मतलब है इसे गाड़ियों में इंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। कॉफी के कचरे से तैयार किया गया यह तेल ज्वलंतशील है।
यह करिश्मा कर दिखाया है ब्रिटेन की तकनीकी कंपनी बायो-बीन ने। इन्होंने कॉफी के कचरे से ऐसा तेल बनाया है जो पेट्रोल के विकल्प का काम कर सकता है। कहने का मतलब है इसे गाड़ियों में इंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। कॉफी के कचरे से तैयार किया गया यह तेल ज्वलंतशील है।
Bio-bean founder Arthur Kay
इसे डीजल में मिला कर एक प्रभावशाली जैव ईंधन में परिर्वतित कर दिया गया है। इस वैकल्पिक ईंधन से लंदन की सड़कों पर बसों को दौड़ाया गया है। इस कंपनी का कहना है कि उसके पास लंदन में एक बस को साल भर तक चलाने के लिए पर्याप्त ईंधन है। जानकारों का मानना है कि इस तरह के फ्यूल का प्रयोग परिवहन उत्सर्जन को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।
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london buses uses coffee as fuel
जैव ईंधन किसे कहते हैं
यह कुकिंग ऑयल और मीट फैट जैसी सामग्रियों से तैयार किया गया वैकल्पिक ईंधन होता है। कॉफी के कचरे से इसी तरह का तेल निकाल कर यह जैव ईंधन इजाद किया जायेगा। बता दें इस तरह के ईंधन से चलने वाली बसें अपने सामान्य इंजन के साथ ही चल सकती हैं उनमें किसी तरह के बदलाव की जरूरत नहीं पड़ेगी।
यह कुकिंग ऑयल और मीट फैट जैसी सामग्रियों से तैयार किया गया वैकल्पिक ईंधन होता है। कॉफी के कचरे से इसी तरह का तेल निकाल कर यह जैव ईंधन इजाद किया जायेगा। बता दें इस तरह के ईंधन से चलने वाली बसें अपने सामान्य इंजन के साथ ही चल सकती हैं उनमें किसी तरह के बदलाव की जरूरत नहीं पड़ेगी।