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महिलाओं के खिलाफ जारी10 अजीबोगरीब फतवे, पहला पढ़ते ही आंखें बाहर को आ जाएंगी
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Updated Mon, 16 Jul 2018 05:56 PM IST
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fatwa
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आज हम आपको दुनियाभर के ऐसे अजीबोगरीब फतवों के बारे में बताएंगे जिनके बारे में सुनकर आपको भी ताज्जुब होगा। ये फतवे मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ जारी किए गए हैं। इन फतवों के बारे में पढ़कर आप भी सोचेंगे कि महिलाएं क्या कोई कटपुतली हैं जो जब चाहे जैसा चाहे उन पर हक जताएगा..?
muslim women
पहले ये जान लें कि फतवा है क्या...
इस्लाम से जुड़े किसी मसले पर कुरान व हदीस के अंतर्गत जो हुक्म जारी किया जाता है उसे फतवा कहते हैं। फतवा केवल मुफ्ती ही जारी कर सकता है और मुफ्ती बनने के लिए शरिया कानून, कुरान और हदीस का अध्ययन जरूरी है। ऐसे न जाने कितने विवादित फतवे मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ आए हैं।
दरअसल, मुस्लिम महिलाओं के कामों को गैर मजहबी कह कर उन्हें समुदाय से अलग करने की बातें की जाती हैं। ऐसे में इस तरह के फतवे या फरमान लोगों को सोचने पर मजबूर कर देते हैं कि आखिर ये लोग होते कौन हैं हमारे लिए कोई फैसला लेने वाले?
इस्लाम से जुड़े किसी मसले पर कुरान व हदीस के अंतर्गत जो हुक्म जारी किया जाता है उसे फतवा कहते हैं। फतवा केवल मुफ्ती ही जारी कर सकता है और मुफ्ती बनने के लिए शरिया कानून, कुरान और हदीस का अध्ययन जरूरी है। ऐसे न जाने कितने विवादित फतवे मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ आए हैं।
दरअसल, मुस्लिम महिलाओं के कामों को गैर मजहबी कह कर उन्हें समुदाय से अलग करने की बातें की जाती हैं। ऐसे में इस तरह के फतवे या फरमान लोगों को सोचने पर मजबूर कर देते हैं कि आखिर ये लोग होते कौन हैं हमारे लिए कोई फैसला लेने वाले?
man and women in office
दुनिया के अजीबोगरीब फतवे
1.अपने ऑफिस सहयोगी के साथ ये करें महिलाएं
साल 2007 में मिस्र की अल अजहर यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ हदीस के हेड की ओर से अजीबोगरीब फतवा जारी किया गया था। उन्होंने कहा था कि जो महिलाएं ऑफिस में काम करती हैं। उन्हें अपने मेल कलीग्स को खुद का दूध पिलाना चाहिए। फतवे के अनुसार, मर्दों को अपनी छाती का दूध दिन में कम से कम पांच बार पिलाना चाहिए। इसके पीछे उनका मानना था कि ऑफिस में काम करने वाली महिलाएं अगर ऐसा करती हैं, तो उनके बीच मां–बेटे का रिश्ता कायम हो जाएगा। इसके चलते वे आपस में शारीरिक संबंध नहीं बनाएंगे।
1.अपने ऑफिस सहयोगी के साथ ये करें महिलाएं
साल 2007 में मिस्र की अल अजहर यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ हदीस के हेड की ओर से अजीबोगरीब फतवा जारी किया गया था। उन्होंने कहा था कि जो महिलाएं ऑफिस में काम करती हैं। उन्हें अपने मेल कलीग्स को खुद का दूध पिलाना चाहिए। फतवे के अनुसार, मर्दों को अपनी छाती का दूध दिन में कम से कम पांच बार पिलाना चाहिए। इसके पीछे उनका मानना था कि ऑफिस में काम करने वाली महिलाएं अगर ऐसा करती हैं, तो उनके बीच मां–बेटे का रिश्ता कायम हो जाएगा। इसके चलते वे आपस में शारीरिक संबंध नहीं बनाएंगे।
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man
2. सोशल मीडिया पर इस फतवे का खूब उड़ा मजाक
इस्तांबुल में मुकाहिद सिहाद हाल ने फतवा जारी करते हुए चेतावनी दी थी कि जो शख्स अश्लील काम करता है, उनके मरने के बाद उनका हाथ गर्भवती हो जाता है और वो अपने अधिकारों की मांग करता है। ऐसे में उनके फतवे का सोशल मीडिया पर यूजर्स ने खूब मजाक उड़ाया था।
इस्तांबुल में मुकाहिद सिहाद हाल ने फतवा जारी करते हुए चेतावनी दी थी कि जो शख्स अश्लील काम करता है, उनके मरने के बाद उनका हाथ गर्भवती हो जाता है और वो अपने अधिकारों की मांग करता है। ऐसे में उनके फतवे का सोशल मीडिया पर यूजर्स ने खूब मजाक उड़ाया था।
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3. महिलाएं केले और खीरे को ना छुएं
इंग्लैंड के एक मौलाना ने फतवा जारी करते हुए औरतों को सलाह दी थी कि उन्हें खीरा और केला नहीं छूना चाहिए। मौलाना का मानना था कि उनको छूने से महिलाओं के मन में गंदे विचार आते हैं इसलिए इन फलों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर ही महिलाओं को देना चाहिए।
इंग्लैंड के एक मौलाना ने फतवा जारी करते हुए औरतों को सलाह दी थी कि उन्हें खीरा और केला नहीं छूना चाहिए। मौलाना का मानना था कि उनको छूने से महिलाओं के मन में गंदे विचार आते हैं इसलिए इन फलों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर ही महिलाओं को देना चाहिए।