1962 में बनी एक कार शनिवार को कैलिफोर्निया के मोंटेरी में नीलाम हुई। अगर आप इसकी निलामी की कीमत जान लेंगे तो चौंक जाएंगे। दरअसल, ये कार रफ्तार और परफॉर्मेंस के लिहाज से दुनियाभर में लोकप्रिय ब्रैंड फरारी की कार है। शायद इसलिए इस कार की निलामी आज की तारीख में रेकॉर्ड तोड़ रही।
'Ferrari 250 GTO' नामक इस कार का 1962 में बना मॉडल शनिवार को नीलाम हुआ। बता दें निलामी में कार 4 करोड़ 84 लाख 5 हजार डॉलर यानी लगभग 338 करोड़ रुपये में नीलाम हुई। अब ये कार दुनिया की सबसे महंगी नीलाम हुई कार बन गई है।
जबकि इससे पहले साल 2014 में एक कार सबसे महंगी नीलाम हुई थी। फेरारी जीटीओ की कार की रेकॉर्ड कीमत इसलिए भी लगी क्योंकि यह बेहद सिंपल और गुड लुकिंग कार है। दूसरा, ये फरारी की सबसे सफल रहीं रेसिंग कारों में से एक है।
इस कार से 1962 इटेलियन जीटी चैंपियनशिप जीती गई थी। इसके साथ ही इसने 1962 से 1965 के बीच 15 से ज्यादा रेस जीतीं। इसे चलाने वालों में फिल हिल भी शामिल रहे हैं जो कि फॉर्म्यूला वन वर्ल्ड रेसिंग चैपिंयन बनने वाले पहले अमेरिकी हैं।
पूर्व मुख्य सॉफ्टवेयर आर्किटेक्ट डॉ, ग्रेग व्हिटन ने इस कार को खरीदा है। बता दें ग्रेग पिछले 18 साल से माइक्रोसॉफ्ट के लिए काम कर रहे हैं। इन्होंने ही माइक्रोसॉफ्ट माइक्रोसॉफ्ट वर्ड, ऐक्सल और पावरपॉइंट का निर्माण किया था।