{"_id":"5b8a50e742c7924667531f4d","slug":"know-the-changing-world-of-hold-music-on-telephone","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"टेलीफोन पर होल्ड रहने पर क्यों बजता रहता है म्यूजिक, नहीं जानते होंगे ये राज की बात","category":{"title":"Weird Stories","title_hn":"अजब गजब","slug":"weird-stories"}}
टेलीफोन पर होल्ड रहने पर क्यों बजता रहता है म्यूजिक, नहीं जानते होंगे ये राज की बात
डोमियन फाउलर, बीबीसी कैपिटल
Updated Sat, 01 Sep 2018 02:27 PM IST
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शांति अच्छी लगती है, लेकिन चुप्पी नहीं। आप फोन पर बात कर रहे हों और दूसरी तरफ का व्यक्ति चुप हो जाए तो खीझ होने लगती है। किसी बैंक या बीमा कंपनी से बात करते हुए फोन होल्ड पर कर दिया जाए और ग्राहक से इंतजार करने को कहा जाए तो यह चुप्पी पल भर के लिए भी बर्दाश्त नहीं होती। सन्नाटे को भरने और ग्राहक को व्यस्त रखने के लिए कंपनियों को रणनीति बनानी पड़ती है। इसीलिए ऑन-होल्ड म्यूजिक की शुरुआत हुई थी। यह संगीत कॉलर को व्यस्त रखता है ताकि वह फोन काट ना दे। ऑन-होल्ड म्यूजिक और मैसेज बनाने वाली कंपनी मूड मीडिया के मुताबिक, "सन्नाटा खोए हुए अवसर की ध्वनि है।"
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इंतजार कराने का संगीत
पारंपरिक होल्ड म्यूजिक नीरस वाद्य संगीत होता है, ठीक वैसा ही जैसा लिफ्ट में बजता है। इस तरह का संगीत 1930 के दशक में 'म्यूजैक' कंपनी ने शुरू किया था। उन दिनों यह कंपनी लोकप्रिय गीतों का इंस्ट्रूमेंटल वर्जन तैयार कराती थी। यह ट्रेंड कई साल तक चलता रहा। दफ्तरों और होटलों में इस तरह का बैकग्राउंड म्यूजिक बजता था, लेकिन लोग इससे बोर होने लगे। धीरे-धीरे 'म्यूजैक' का ब्रांड नकारात्मकता का पर्याय बन गया। 2009 में कंपनी दिवालिया हो गई और इसे मूड मीडिया ने खरीद लिया। मूड मीडिया के पास आज संगीत के करीब 200 कैटलॉग हैं, जिनमें हर मूड का संगीत है। इन्हें दुनिया भर में फैले संगीतकारों से तैयार कराया गया है ताकि ग्लोबल और लोकल, हर तरह की जरूरत पूरी की जा सके।
पारंपरिक होल्ड म्यूजिक नीरस वाद्य संगीत होता है, ठीक वैसा ही जैसा लिफ्ट में बजता है। इस तरह का संगीत 1930 के दशक में 'म्यूजैक' कंपनी ने शुरू किया था। उन दिनों यह कंपनी लोकप्रिय गीतों का इंस्ट्रूमेंटल वर्जन तैयार कराती थी। यह ट्रेंड कई साल तक चलता रहा। दफ्तरों और होटलों में इस तरह का बैकग्राउंड म्यूजिक बजता था, लेकिन लोग इससे बोर होने लगे। धीरे-धीरे 'म्यूजैक' का ब्रांड नकारात्मकता का पर्याय बन गया। 2009 में कंपनी दिवालिया हो गई और इसे मूड मीडिया ने खरीद लिया। मूड मीडिया के पास आज संगीत के करीब 200 कैटलॉग हैं, जिनमें हर मूड का संगीत है। इन्हें दुनिया भर में फैले संगीतकारों से तैयार कराया गया है ताकि ग्लोबल और लोकल, हर तरह की जरूरत पूरी की जा सके।
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संगीत कितना कारगर
टेलीफोन पर होल्ड म्यूजिक का खूब इस्तेमाल होता है, लेकिन इसके बारे में धारणा नहीं बदली है। अच्छे से अच्छा संगीत भी फोन पर आनंदित नहीं करता। न्यूयॉर्क के म्यूजिक थेरेपिस्ट डीन ऑल्शर कहते हैं, "होल्ड म्यूजिक का मानसिक सेहत पर नकारात्मक असर पड़ता है।" फोन से आने वाले संगीत की गुणवत्ता फोन लाइन या रिसीवर की गुणवत्ता पर निर्भर करती है, जो कई बार ठीक नहीं होती।
संगीत कितना भी अच्छा हो, फोन उसे बिगाड़ देता है। इसीलिए उतार-चढ़ाव भरे संगीत के मुकाबले साज के संगीत को वरीयता दी जाती है। टर्नर कहते हैं, "जिस संगीत में टेंपो और एनर्जी नाटकीय रूप से बढ़ते-घटते हों उससे आप दूर रहना चाहेंगे। ऐसा कुछ भी जो असंगत या कर्कश लगे, वह नहीं चलता।"शांत और सुरीले ट्रैक का सबसे अच्छा उदाहरण सिस्को का है। टिम कार्लटन और डैरिक डील ने 1989 में इस टेलीकॉम कंपनी के लिए 4-ट्रैक का एक म्यूजिक रिकॉर्ड किया था। इसे 'ओपस नंबर 1' कहा गया था। 'ओपस नंबर 1' को बाद में करीब साढ़े छह करोड़ फोन में डाला गया।
टेलीफोन पर होल्ड म्यूजिक का खूब इस्तेमाल होता है, लेकिन इसके बारे में धारणा नहीं बदली है। अच्छे से अच्छा संगीत भी फोन पर आनंदित नहीं करता। न्यूयॉर्क के म्यूजिक थेरेपिस्ट डीन ऑल्शर कहते हैं, "होल्ड म्यूजिक का मानसिक सेहत पर नकारात्मक असर पड़ता है।" फोन से आने वाले संगीत की गुणवत्ता फोन लाइन या रिसीवर की गुणवत्ता पर निर्भर करती है, जो कई बार ठीक नहीं होती।
संगीत कितना भी अच्छा हो, फोन उसे बिगाड़ देता है। इसीलिए उतार-चढ़ाव भरे संगीत के मुकाबले साज के संगीत को वरीयता दी जाती है। टर्नर कहते हैं, "जिस संगीत में टेंपो और एनर्जी नाटकीय रूप से बढ़ते-घटते हों उससे आप दूर रहना चाहेंगे। ऐसा कुछ भी जो असंगत या कर्कश लगे, वह नहीं चलता।"शांत और सुरीले ट्रैक का सबसे अच्छा उदाहरण सिस्को का है। टिम कार्लटन और डैरिक डील ने 1989 में इस टेलीकॉम कंपनी के लिए 4-ट्रैक का एक म्यूजिक रिकॉर्ड किया था। इसे 'ओपस नंबर 1' कहा गया था। 'ओपस नंबर 1' को बाद में करीब साढ़े छह करोड़ फोन में डाला गया।
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ब्रांडिंग का तरीका
'बिजनेस वॉयस' नामक कंपनी बड़ी और मंझोली कंपनियों के लिए ऑन-होल्ड मार्केटिंग का काम देखती है। यह फोन पर इंतजार के समय को ब्रांड की पहचान बढ़ाने के मौके के रूप में देखती है। यह कंपनी संगीत के साथ मौखिक संदेशों को मिला देती है। इससे जो प्रॉडक्ट बनता है वह रेडियो पर आने वाले सुरीले विज्ञापनों की तरह होता है। एक्सपीरिएंस मार्केटिंग एसोसिएशन (EMA) उन एजेंसियों का संगठन है जो ऑन-होल्ड संदेशों को मार्केटिंग के औजार के रूप में बढ़ावा दे रही हैं।
उत्तरी अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया में ईएमए की इकाइयां हैं और दुनिया भर में ढाई लाख से ज्यादा कंपनियां इनकी ग्राहक हैं। इनके अलावा छोटी-बड़ी हजारों कंपनियां ऑन-होल्ड म्यूजिक की मांग को पूरा कर रही हैं। 'बिजनेस वॉयस' के लोग किसी नई ग्राहक कंपनी के लिए मार्केटिंग प्लान बनाने से पहले फोन करने वालों के अनुभव का लेखा-जोखा तैयार करते हैं।
यह देखा जाता है कि कोई एक कॉलर कितनी बार फोन करता है और वह अधिक से अधिक कितनी देर तक होल्ड पर रूक सकता है। यदि फोन पर रुकने का औसत समय 5 मिनट हो तो कॉलर को 3 मिनट का संगीत दोबारा नहीं सुनाया जा सकता। 'बिजनेस वॉयस' के संस्थापक और सीईओ जेरी ब्राउन कहते हैं, "लोग जितनी देर तक कॉल पर रुकते हैं, उतने समय में आप चाहेंगे कि वे आपकी कंपनी के बारे में अच्छा महसूस करें।"
'बिजनेस वॉयस' नामक कंपनी बड़ी और मंझोली कंपनियों के लिए ऑन-होल्ड मार्केटिंग का काम देखती है। यह फोन पर इंतजार के समय को ब्रांड की पहचान बढ़ाने के मौके के रूप में देखती है। यह कंपनी संगीत के साथ मौखिक संदेशों को मिला देती है। इससे जो प्रॉडक्ट बनता है वह रेडियो पर आने वाले सुरीले विज्ञापनों की तरह होता है। एक्सपीरिएंस मार्केटिंग एसोसिएशन (EMA) उन एजेंसियों का संगठन है जो ऑन-होल्ड संदेशों को मार्केटिंग के औजार के रूप में बढ़ावा दे रही हैं।
उत्तरी अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया में ईएमए की इकाइयां हैं और दुनिया भर में ढाई लाख से ज्यादा कंपनियां इनकी ग्राहक हैं। इनके अलावा छोटी-बड़ी हजारों कंपनियां ऑन-होल्ड म्यूजिक की मांग को पूरा कर रही हैं। 'बिजनेस वॉयस' के लोग किसी नई ग्राहक कंपनी के लिए मार्केटिंग प्लान बनाने से पहले फोन करने वालों के अनुभव का लेखा-जोखा तैयार करते हैं।
यह देखा जाता है कि कोई एक कॉलर कितनी बार फोन करता है और वह अधिक से अधिक कितनी देर तक होल्ड पर रूक सकता है। यदि फोन पर रुकने का औसत समय 5 मिनट हो तो कॉलर को 3 मिनट का संगीत दोबारा नहीं सुनाया जा सकता। 'बिजनेस वॉयस' के संस्थापक और सीईओ जेरी ब्राउन कहते हैं, "लोग जितनी देर तक कॉल पर रुकते हैं, उतने समय में आप चाहेंगे कि वे आपकी कंपनी के बारे में अच्छा महसूस करें।"
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फोन करने वाले ग्राहकों के लिए संगीत और संदेश बनाने का काम तुक्के से नहीं होता। ब्राउन कहते हैं कि सब कुछ वैज्ञानिक तरीके से होता है। यदि किसी कंपनी की सेल्स और सर्विसेज, दोनों की मांग हो तो उनके लिए दो अलग प्रारूप तैयार किए जाते हैं।ब्राउन कहते हैं, "कई बार हम किसी गाने के टेंपो के आधार पर संगीत चुन लेते हैं। अगर कॉलर ग्राहक सेवा लाइन में हैं और वहां लोग 10 मिनट से इंतजार कर रहे हैं तो हम हाई टेंपो वाला संगीत नहीं सुनाना चाहेंगे। कॉलर अगर सेल्स की कतार में हो तो उसे हरकत में रखना पड़ता है। इसके लिए उसके दिल की धड़कनों को थोड़ा बढ़ाना भी जरूरी होता है।"
ग्राहक की खुशी
फोन पर ग्राहक को व्यस्त रखने के तरीकों में एक तरीका हंसी-मजाक का भी है। 'बिजनेस वॉयस' के चीफ क्रिएटिव ऑफिसर स्कॉट ग्रेगरी कहते हैं, "जहां आम तौर पर विज्ञापन सुनाए जाते हैं, वहां अगर कोई मुझे चुटकुला सुनाकर हंसा दे तो मुझे अच्छा लगेगा।" इन सब तरकीबों के बावजूद ज्यादातर लोग फोन पर इंतजार करना पसंद नहीं करते। 'फोनोलो' की मार्केटिंग कम्युनिकेशन मैनेजर सामंता मेहरा कहती हैं, "फोन पर इंतजार कर रहे ग्राहकों को अगर जबरन कुछ सुनने को मजबूर किया जाए तो वे भड़क सकते हैं।" फोनोलो' अपने क्लाएंट को यह सुझाव देती है कि वे फोन पर इंतजार कराने का चलन खत्म कर दें और ग्राहकों को कॉल बैक किया करें। यह कंपनी सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर ग्राहकों की प्रतिक्रियाओं को भी खासी तवज्जो देती है।
ग्राहक की खुशी
फोन पर ग्राहक को व्यस्त रखने के तरीकों में एक तरीका हंसी-मजाक का भी है। 'बिजनेस वॉयस' के चीफ क्रिएटिव ऑफिसर स्कॉट ग्रेगरी कहते हैं, "जहां आम तौर पर विज्ञापन सुनाए जाते हैं, वहां अगर कोई मुझे चुटकुला सुनाकर हंसा दे तो मुझे अच्छा लगेगा।" इन सब तरकीबों के बावजूद ज्यादातर लोग फोन पर इंतजार करना पसंद नहीं करते। 'फोनोलो' की मार्केटिंग कम्युनिकेशन मैनेजर सामंता मेहरा कहती हैं, "फोन पर इंतजार कर रहे ग्राहकों को अगर जबरन कुछ सुनने को मजबूर किया जाए तो वे भड़क सकते हैं।" फोनोलो' अपने क्लाएंट को यह सुझाव देती है कि वे फोन पर इंतजार कराने का चलन खत्म कर दें और ग्राहकों को कॉल बैक किया करें। यह कंपनी सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर ग्राहकों की प्रतिक्रियाओं को भी खासी तवज्जो देती है।