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छिपे हुए कैमरे से कैसे बच सकते हैं आप, नहीं जानते होंगे ये बात
गुरप्रीत सैनी बीबीसी संवाददाता
Updated Sun, 30 Sep 2018 08:23 AM IST
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दिल्ली की एक महिला जब रेस्तरां के बाथरूम में गई तो वहां एक फोन देखकर हैरान रह गईं। ये फोन बाथरूम में छिपाकर रखा गया था। फोन का कैमरा ऑन था और रिकॉर्डिंग चल रही थी। फोन खंगालने पर पता चला कि उसमें कई और महिलाओं के वीडियो भी थे। इन वीडियो को वॉट्सऐप के जरिए शेयर भी किया गया था। बाथरूम से बाहर आकर महिला ने रेस्तरां के मैनेजमेंट से शिकायत की। पता चला कि वो फोन हाउसकीपिंग में काम करने वाले एक शख्स का है।
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आए दिन ऐसे मामले सामने आते हैं जब बाथरूम, चेंजिंग रूम और होटल के कमरों में हिडन कैमरे पाए जाते हैं। 2015 में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी इसी तरह की एक शिकायत की थी जिसमें एक स्टोर के सीसीटीवी कैमरे का मुंह चेंजिंग रूम की ओर था। इस तरह की घटनाओं से महिलाओं के दिलो-दिमाग में एक डर सा बैठ गया है। पब्लिक टॉयलेट, चेंजिंग रूम या होटल जाना बंद तो नहीं किया जा सकता, मगर सतर्क रहकर इस तरह के कैमरों के शिकार होने से बचा जा सकता है।
हिडन कैमरों का पता कैसे लगाएं
सबसे पहले ये जान लें कि कैमरे कहां-कहां छिपे हो सकते हैं। हिडन कैमरे काफी छोटे होते हैं, लेकिन ये आपकी सारी गतिविधियों को रिकॉर्ड कर सकते हैं। फिर चाहे आप बाथरूम में हों, किसी स्टोर के चेंजिंग रूम में कपड़े बदल रहे हों या होटल के कमरे में अपने पार्टनर के साथ हों।
हिडन कैमरों का पता कैसे लगाएं
सबसे पहले ये जान लें कि कैमरे कहां-कहां छिपे हो सकते हैं। हिडन कैमरे काफी छोटे होते हैं, लेकिन ये आपकी सारी गतिविधियों को रिकॉर्ड कर सकते हैं। फिर चाहे आप बाथरूम में हों, किसी स्टोर के चेंजिंग रूम में कपड़े बदल रहे हों या होटल के कमरे में अपने पार्टनर के साथ हों।
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इन कैमरों को कहीं भी आसानी से छिपाया जा सकता है, जैसे कि-
-शीशे के पीछे
-दरवाजे में
-दीवार के किसी कोने में
-छत पर
-लैंप में
-फोटो फ्रेम में
-टिश्यू पेपर के डब्बे में
-किसी गुलदस्ते में
-स्मोक डिटेक्टर में
तो कैसे पता करें कि कैमरा है कहां?
पहले जांच लें: साइबर एक्सपर्ट कहते हैं कि सबसे पहले तो आप सतर्क रहें। जब भी आप पब्लिक टॉयलेट, चेंजिंग रूम या होटल के किसी कमरे में जाएं तो चारों ओर अच्छे से देख लें। आस-पास रखे सामान को देख लें। छत के कोनों में भी देखें।
-शीशे के पीछे
-दरवाजे में
-दीवार के किसी कोने में
-छत पर
-लैंप में
-फोटो फ्रेम में
-टिश्यू पेपर के डब्बे में
-किसी गुलदस्ते में
-स्मोक डिटेक्टर में
तो कैसे पता करें कि कैमरा है कहां?
पहले जांच लें: साइबर एक्सपर्ट कहते हैं कि सबसे पहले तो आप सतर्क रहें। जब भी आप पब्लिक टॉयलेट, चेंजिंग रूम या होटल के किसी कमरे में जाएं तो चारों ओर अच्छे से देख लें। आस-पास रखे सामान को देख लें। छत के कोनों में भी देखें।
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कोई छेद तो नहीं है: कहीं कोई छेद दिखे तो उसके अंदर झांक कर देखें कि कहीं उसमें कुछ लगा तो नहीं है। दरअसल कैमरों को शीशे के पीछे, फोटो फ्रेम में या बैक डोर जैसी जगहों पर लगा दिया जाता है। थोड़ा-सा सतर्क रहकर इन्हें पकड़ सकते हैं।
कोई तार दिख रहा है: ये भी देखें कि कहीं से एक्स्ट्रा तार जाता हुआ तो नहीं दिख रहा। अगर कोई तार दिखे तो पता करें कि कहां तक जा रहा है। हो सकता है कि वो आपको कैमरे तक ले जाए। कई कैमरों में कोई तार नहीं होता। वो बैटरी से चलते हैं और मैगनेट की तरह कहीं भी चिपक जाते हैं।
लाइट बंद करके देख लें: अगर चेंजिंग रूम में या होटल के किसी कमरे में हैं तो एक बार लाइट बंद करके चारों ओर देखें। अगर कहीं एलईडी की रोशनी दिखे तो हो सकता है कि वो कैमरा हो। दरअसल कुछ नाइट विजन कैमरे होते हैं, जो अंधेरे में हो रही गतिविधि को भी रिकॉर्ड कर लेते हैं। इन कैमरों में एलईडी लाइट लगी होती है। अंधेरे में इसे पकड़ा जा सकता है।
कोई तार दिख रहा है: ये भी देखें कि कहीं से एक्स्ट्रा तार जाता हुआ तो नहीं दिख रहा। अगर कोई तार दिखे तो पता करें कि कहां तक जा रहा है। हो सकता है कि वो आपको कैमरे तक ले जाए। कई कैमरों में कोई तार नहीं होता। वो बैटरी से चलते हैं और मैगनेट की तरह कहीं भी चिपक जाते हैं।
लाइट बंद करके देख लें: अगर चेंजिंग रूम में या होटल के किसी कमरे में हैं तो एक बार लाइट बंद करके चारों ओर देखें। अगर कहीं एलईडी की रोशनी दिखे तो हो सकता है कि वो कैमरा हो। दरअसल कुछ नाइट विजन कैमरे होते हैं, जो अंधेरे में हो रही गतिविधि को भी रिकॉर्ड कर लेते हैं। इन कैमरों में एलईडी लाइट लगी होती है। अंधेरे में इसे पकड़ा जा सकता है।
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मिरर टेस्ट: चेंजिंग रूम, बाथरूम और कमरों में हर जगह शीशे लगे होते हैं जिनके सामने आप कपड़े बदलते हैं, टॉयलेट करते हैं। होटल के कमरों में भी बड़ा-सा शीशा होता है। इसलिए हो सकता है कि शीशे के दूसरी तरफ से आपको कोई देख रहा हो या पीछे कोई कैमरा लगा हो जो सब रिकॉर्ड कर रहा हो। ऐसे में शीशे को जांचना भी जरूरी है। इसके लिए शीशे पर उंगली रखें और देखें। अगर आपकी उंगली और शीशे पर बन रही इमेज के बीच थोड़ा गैप दिखे, तो शीशा सही है। लेकिन अगर आपकी उंगली और इमेज में गैप ना दिखे मतलब कोई गड़बड़ है।
फ्लैश ऑन करके देख लें: बत्ती बुझाकर मोबाइल का फ्लैश ऑन करें और चारो ओर देखें। अगर कहीं से रिफ्लेक्शन आए तो हो सकता है कि कैमरे के कांच से आ रहा हो। उस दिशा में जाकर अच्छे से देखें कि कहीं हिडन कैमरा तो नहीं है।
ऐप और डिटेक्टर: आपको कई ऐप मिल जाएंगे जिससे आप हिडन कैमरे का पता लगा सकते हैं, लेकिन साइबर एक्सपर्ट के मुताबिक कई ऐप फेक भी हो सकते हैं, जो कुछ बता ही नहीं पाएंगे और उल्टा आपके फोन में ही वायरस छोड़ जाएंगे। इसके अलावा कुछ डिटेक्टर डिवाइस भी मार्केट में उपलब्ध हैं, जिन्हें खरीदकर आप अपने पास रख सकते हैं, लेकिन ये मंहगे होते हैं, जिन्हें हर कोई खरीद नहीं सकता। ये अक्सर पुलिस के पास होते हैं।
फ्लैश ऑन करके देख लें: बत्ती बुझाकर मोबाइल का फ्लैश ऑन करें और चारो ओर देखें। अगर कहीं से रिफ्लेक्शन आए तो हो सकता है कि कैमरे के कांच से आ रहा हो। उस दिशा में जाकर अच्छे से देखें कि कहीं हिडन कैमरा तो नहीं है।
ऐप और डिटेक्टर: आपको कई ऐप मिल जाएंगे जिससे आप हिडन कैमरे का पता लगा सकते हैं, लेकिन साइबर एक्सपर्ट के मुताबिक कई ऐप फेक भी हो सकते हैं, जो कुछ बता ही नहीं पाएंगे और उल्टा आपके फोन में ही वायरस छोड़ जाएंगे। इसके अलावा कुछ डिटेक्टर डिवाइस भी मार्केट में उपलब्ध हैं, जिन्हें खरीदकर आप अपने पास रख सकते हैं, लेकिन ये मंहगे होते हैं, जिन्हें हर कोई खरीद नहीं सकता। ये अक्सर पुलिस के पास होते हैं।