बाइक और कार खरदीते समय कंपनियां अपने दावे करती हैं कि यह गाड़ी इतना माइलेज देगी लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि रोड पर आने के बाद वह कितना माइलेज देती है। खासकर, कार ज्यादा माइलेज वाली हो ये बहुत जरूरी है क्योंकि बाइक का औसत माइलेज 50 से 60 किलोमीटर होता है। वैसे, कंपनियां अपनी गाड़ियों में जिस माइलेज की बात करती हैं वो देती हैं या नहीं, इस बात को हम आसानी से पता कर सकते हैं। इसके लिए कुछ बेसिक टिप्स हैं जिन्हें कोई भी आसानी से फॉलो कर सकता है। आइए जानते हैं गाड़ियों की माइलेड जानने के टिप्स का वायरल सच...
भारत में कई तरह का फ्यूल मिलता है। इसमें भारत पेट्रोलियम, HP, इंडियन ऑयल और रिलायंस हैं। इनमें भी कई कंपनियां एक्स्ट्रा प्रीमियम वाला फ्यूल देती हैं। ऐसे में इन सभी तरह के फ्यूल से माइलेज में अंतर आ सकता है। इसके अलावा शहर और हाईवे पर गाड़ी चलाने से भी माइलेज में अंतर आ जाता है। हाईवे पर हमेशा कार या बाइक का माइलेज ज्यादा हो जाता है लेकिन इसके लिए उसका फिक्स रफ्तार में चलना भी बहुत जरूरी है।
आपकी बाइक या कार कितना माइलेज दे रही है इस बात का पता लगाने के लिए आपको किसी हाईवे पर ड्राइव करना होगा। जैसे आपको अपनी कार का माइलेज पता करना है तब उसके फ्यूल टैंक को पूरा भर लें। इसके अलावा एक कैन में 5 से 10 लीटर तेल अपने साथ रख लें। अब गाड़ी की रीडिंग नोट कर लें, या फिर ट्रिप मीटर को 0 कर लें।
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अब कार को हाइवे पर चलाना शुरू करें। ध्यान रखें की कार को 60 से 80 की स्पीड में ही चलाएं। बार-बार ब्रेक न लगाने या फिर गियर न बदलें। करीब 100 किलोमीटर चलाने के बाद गाड़ी रोक लें। अब कैन में रखे तेल को गाड़ी में डाल लें। अब देख लें कि टंकी में कितना तेल आया है। मान लीजिए कार में 4 लीटर तेल आया है तो 100 को 4 से डिवाइड कर दें तो इसका उत्तर 25 आएगा। मतलब आपकी गाड़ी 25 का माइलेज दे रही है। बाइक के साथ भी ऐसा किया जा सकता है।
हालांकि ये टिप्स कितना सच साबित होते हैं इसे कह पाना मुश्किल है लेकिन इन दिनों गाड़ी का माइलेज जानने वाले ये उपाय सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोग इसके बारे में अलग से जानकारी दे रहे हैं। कंपनी की तरफ से बताई गई माइलेज से कम या अधिक चलने वाली गाड़ियों के बारे में अभी तक पूरी पुष्टि नहीं हो पाई है।