एक और दुखों का पहाड़ टूटा है, दूसरी ओर दोहरी खुशी मिली। महिला न गम मना सकती है और न हंस सकती है। कुदरत ने उसके साथ खेल ही ऐसा खेला है, क्या करे। कुदरत की मर्जी के आगे किसी की नहीं चलती। भगवान ने जो जैसे करना है, वैसे ही होगा।
हम आपको बता रहे हैं, एक अनोखी घटना के बारे में। पंजाब में मुक्तसर जिले के शहर मलोट में मंगलवार की रात भारी बारिश से हुए हादसे में कुदरत की त्रासदी और चमत्कार देखने को मिला। बारिश से मकान की छत गिर गई। एक गर्भवती महिला, उसका पति व दो बेटियां मलबे के नीचे दब गए। महिला को तो बचा लिया गया, लेकिन उसके पति और बेटियों की जान चली गई।
उधर महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दो जुड़वां बेटों को जन्म दिया।इधर भगवान ने सुहाग छीन लिया और दो बेटियां छीन कर कोख उजाड़ दी। उधर कोख को खुशियों से भी भर दिया। दोनों बेटे पूरी तरह स्वस्थ हैं। मामला देखकर लोगों को समझ नहीं आ रहा कि इसे कुदरत का इंसाफ कहें या नाइंसाफी। जहां एक तरफ मां ने दोनों बच्चों को सकुशल जन्म दिया। वहीं नवजन्मे बच्चों के सिर से बाप का साया उठ गया, वे बड़ी बहनों के प्यार से वंचित हो गए।
जन्मदिन पर पिता और दो बहनों की मौत, दोनों नवजन्मे बच्चों के लिए गहरे जख्म छोड़ गया। हर जन्म दिन पर ये हादसा जख्मों पर मरहम लगाने की बजाय नमक छिड़कने का काम करेगा। महिला व नवजन्मे बच्चों के लिए ये हादसा जीवन भर कभी न कम होने वाले दर्द छोड़ गया है। जानकारी के अनुसार, मलोट के मोहल्ला राम सिंह वाला में तेज बारिश से मकान की छत गिर गई। हादसे में पिता व दो बेटियों की जान चली गई, जबकि मृतक की गर्भवती पत्नी को बचा लिया गया।
मृतकों की पहचान लेबोरेटरी संचालक अमृतपाल सिंह (33) बेटी मनसीरत कौर (5) व अगमजोत कौर (5) के रूप में हुई। वहीं गर्भवती महिला तेजिंदर कौर को लोगों ने बचा लिया। एसडीएम नरिंदर सिंह धालीवाल, एसपी इकबाल सिंह व एसएचओ जसवीर सिंह ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया। महिला व उसके रिश्तेदारों से हमदर्दी जताई। डिप्टी स्पीकर व मलोट के विधायक अजायब सिंह भट्टी ने भी पीड़ित परिवार के साथ सांत्वना जाहिर की।