करीब तीन हफ्ते पहले मिस्त्र के एलेक्जेंड्रिया शहर में पुरातत्व विभाग की टीम पहुंची। जैसे ही अफसर और कर्मी वहां पहुंचे, पूरा मोहल्ला वहां जुट गया। खुदाई का काम शुरू हुआ। देखते ही देखते करीब 16 फीट तक खुदाई के बाद एक पत्थर का ताबूत मिला। 27,000 किलो भारी इस पत्थर के ताबूत को खोलने की कोशिश शुरू हुई।
तभी कई लोगों ने अधिकारियों को टोका और चेतावनी दी कि अगर उन्होंने इसे खोला, तो कयामत आ जाएगी। लोगों का कहना था कि यह संदूक श्रापित। जैसे ही दो हजार साल पुराना यह ताबूत खुला, लोगों की चीखें निकल गईं। उसमें तीन नर कंकाल मिले। बदबू इतनी थी कि सहना मुश्किल था फिर भी लोग वहां से हटे नहीं।
मिस्त्र में पायी गई इन तीन ममी के पास ना तो कोई जेवर मिले ना कोई बेशकीमती चीज। यहां तक कि इनके मास्क भी सोने या चांदी के नहीं हैं। माना जा रहा है कि ये किसी गरीब परिवार की ममी है। बहरहाल, तीनों कंकालों को एलेक्जेंड्रिया नेशनल म्यूजियम भेज दिया गया है। वहीं ताबूत सेना को सुपुर्द कर दी गई है। ऐसा लगा मामला शांत हो गया। मगर अब इस खोज की वजह से सनसनी मची है क्योंकि...
एक शख्स ने मांग की है कि वह ताबूत में मिला खून पीना चाहता है। यही नहीं उसने ऑनलाइन एक पीटिशन भी दायर की है जिसे करीब 31,022 अपना समर्थन दे चुके हैं। लोगों की दलील है कि वे मिस्त्र के लोगों के इस खून को पीकर उनके जैसी शक्तियां हासिल करना चाहते हैं। उनका मानना है कि यह एनर्जी ड्रिंक जैसा शक्तिशाली है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि ताबूत में जो मिला वह खून नहीं बल्कि सीवेज का पानी है।