दुनियाभर के वैज्ञानिक अंतरिक्ष के रहस्यों के बारे में पता लगाने की कोशिश में जुटे हैं। अंतरिक्ष को लेकर वैज्ञानिक आए दिन नए खुलासे कर रहे हैं। अब इस बीच वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उन्होंने चांद के भाई को खोज लिया है। उन्होंने बताया है कि चांद का भाई धरती की ही कक्षा में घूम रहा है। वैज्ञानिक मानते हैं कि मंगल ग्रह के आकार की किसी वस्तु की धरती से टक्कर हुई थी जिसके बाद चांद का निर्माण हुआ था। अतंरिक्ष के खूबसूरत उपग्रहों में चांद शामिल है।
अजब-गजब: वैज्ञानिकों को मिली बड़ी कामयाबी, मिल गया चांद का 'भाई', जानिए इसके बारे में सबकुछ
आकार में छोटा होने से नहीं आता है नजर
वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि यह क्षुद्रग्रह बहुत छोटे आकार है जिसके बार में बहुत अधिक जानकारी नहीं मिली है। छोटा होने की वजह से यह नजर नहीं आता है। वैज्ञानिकों ने इसको कमूआलेवा (Kamooalewa) नाम दिया है। धरती के पास 5 ऐसे ऑब्जेक्ट्स की वैज्ञानिकों ने खोज की है।
नेचर कम्युनिकेशंस की तरफ से इसको लेकर एक रिपोर्ट प्रकाशित की गई है। अंतरिक्ष यात्रियों की एक टीम ने बताया है कि यह ऐस्टेरॉयड धरती से सिर्फ कुछ समय के लिए दिखता है। यह अप्रैल में कुछ हफ्तों के लिए नजर आता है। वैज्ञानिकों ने इस ऐस्टेरॉयड की गतिविधियों पर दक्षिणी एरिजोना में एक बड़े बाइनोकूलर टेलीस्कोप से नजर रखा।
चांद के भाई यानी इस ऐस्टेरॉयड को साल 2016 में वैज्ञानिकों ने पहली बार देखा था और इसे हवैइन नाम दिया था। 150 से 190 फीट के बीच इस क्षु्द्रग्रह का व्यास है। यह धरती से लगभग 90 लाख माइल की दूरी पर स्थित है।
इस ऐस्टेरॉयड की प्रकृति चांद की तरह है। ऐरिजोना यूनिवर्सिटी में साइंस के छात्र और इस पर रिसर्च लिखने वाले बेन शार्की ने यह बात कही है। उन्होंने कहा कि कमूआलेवा से मिलता जुलता है। यह भी रोशनी को रेफलेक्ट करता है। इसकी बनावट भी चांद की तरह है जिसकी वजह वैज्ञानिक इसको चांद का हिस्सा मान रहे हैं। शार्की ने बताया है कि धरती के पास स्थित सभी ऐस्टेरॉयड को ध्यान से देखा गया है, लेकिन यह किसी से भी नहीं मिलता है। उन्होंने बताया कि पहले इस पर शक था, लेकिन अप्रैल में इसकी काफी जांच की गई, तो पता चला कि यह वास्तविक है।