चीन के स्कूलों में माहौल खुशनुमा होता है। यहां हर दिन क्लास में एक 'नन्हा' खिलौना आता है, उन्हें कहानियां सुनाता है, पहेलिया सुझाता है और सवाल भी पूछता है। यही नहीं जब बच्चे सवालों के सही जवाब देते हैं तो उसकी आंखों में दिल की आकृति उभर आती है।
एडवांस हो गए मास्साब, अब दिमाग से नहीं बैटरी से चलते हैं...
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Updated Fri, 31 Aug 2018 02:48 PM IST
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